मुंबई में एक महीने के भीतर पांच गोल्डन जैकाल की अलग-अलग मौतों के बाद चिंता बढ़ गई है. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए भेजे गए पांचवें मृत सोनकुत्ते के मस्तिष्क के नमूनों में रेबीज संक्रमण की पुष्टि हुई है.
वन विभाग की मुंबई रेंज को इसी महीने दो मृत गोल्डन जैकाल मिले थे, जबकि तीन जीवित गोल्डन जैकाल को बचाया गया था. जीवित गोल्डन जैकाल को इलाज और पुनर्वास के लिए मुंबई स्थित आरएडब्ल्यूडब्ल्यू (Resqink Association for Wildlife Welfare) को सौंप दिया गया था.
गोल्डन जैकाल की मौत से मचा हड़कंप
पहला जीवित गोल्डन जैकाल इलाज से पहले ही मर गया था. दूसरे गोल्डन जैकाल का इलाज किया गया. लेकिन कुछ ही घंटों में वो भी मर गया. तीसरा गोल्डन जैकाल को चेंबूर से बचाया गया, लेकिन असामान्य व्यवहार दिखाने के बाद वह भी अगले ही दिन मर गया.
शवों को पोस्टमार्टम के लिए एसजीएनपी भेजा
सभी मृत सोनकुत्तों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) भेजा गया. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आखिरी मृत गोल्डन जैकाल के मस्तिष्क के नमूने को मुंबई वेटरनरी कॉलेज भेजा गया, जहां रेबीज की पुष्टि हुई. वन विभाग का कहना है कि इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इन गोल्डन जैकाल में रेबीज की बीमारी कैसे आई.