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15 km की पदयात्रा पर निकले राहुल, खुदकुशी करने वाले किसान के परिवार से की मुलाकात

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी महाराष्ट्र के अमरावती के गांवों की यात्रा पर निकले हैं. अमरावती जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर गुंजी गांव से उनकी 15 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू हो गई है

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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi

किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सक्रियता जारी है. पंजाब की अनाज मंडियों के बाद अब वह 15 किलोमीटर लंबी पदयात्रा करने महाराष्ट्र के अमरावती पहुंचे हैं. अमरावती जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर गुंजी गांव से उनकी 'संवाद पदयात्रा' शुरू हो गई है. इस दौरान वह उन किसानों के परिवारों से मिल रहे हैं जिन्होंने आत्महत्या की है.

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राहुल ने खुदकुशी करने वाले किसान किशोर कांबले के परिवार से मुलाकात की.

अमरावती जाने के लिए राहुल बुधवार रात ही नागपुर पहुंच गए थे. यहां से वह अलसुबह अमरावती के गुंजी गांव के लिए रवाना हो गए. नागपुर एमएलए हॉस्टल से सुबह करीब 5:45 बजे राहुल गांधी अमरावती के लिए रवाना हुए थे. सुबह करीब आठ बजे वह गुंजी गांव पहुंच गए. 'जींस-टीशर्ट और कंधे पर बैग'
लोकसभा चुनाव में मोदी के सामने खेत रहे राहुल गांधी अब खेत-खलिहानों-गांव की ज़मीन और किसानों के जरिए कांग्रेस की खोई जमीन तलाशने निकले हैं. अमरावती की यात्रा पर निकले राहुल गांधी आम लोगों की तरह आम आदमी के साथ हवाई जहाज में दाखिल हुए तो जीन्स की पैंट और टीशर्ट में, कंधे पर बैग लिए. मानो किसी कॉलेज का कोई स्टूडेंट. लेकिन ये चेहरा इतना अनजाना तो नहीं कि लोग न पहचान सकें. लिहाज़ा कही हाय तो कहीं हैलो, किसी से नमस्कार, तो किसी के लिए चमत्कार. हर कोई देखने को बेताब कि आखिर कहां बैठे हैं कांग्रेस के युवराज.

नागपुर एयरपोर्ट पर राहुल गांधी उतरे तो साथ में एसपीजी की रोट-टोक नदारद दिखी. अशोक चव्हाण समेत तमाम कांग्रेस नेता कलफदार लक-दक कुर्ते पैजामे में चमकते दिखे लेकिन स्वागत में सिर्फ कांग्रेस का पट्टा, छोटी छोटी माला, खादी भंडार से खरीदी गईं सूत की मालाएं. स्वागत में भी ऊपर के निर्देश का असर दिखा एयरपोर्ट पर.

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ये है पूरा कार्यक्रम
कार्यक्रम के मुताबिक, राहुल गांधी आज सुबह सबसे पहले अमरावती के गुंजी गांव में खुदकुशी करने वाले किसान नीलेश वालके और अंबादास वाहिले के परिवारों से मुलाकात करेंगे. नागपुर से अमरावती के गुंजी गांव कार से पहुंचेगें तो गुंजी से शाहपुर तक 4 किलोमीटर पैदल यात्रा होगी. शाहपुर में खुदकुशी करने वाले किसान किशोर कांबले के परिजनों से मिलेंगे.

इसके बाद राहुल गांधी दोपहर 12 बजे के करीब 8 किलोमीटर दूर रामगांव कर किसानों की व्यथा-कथा सुनेंगे. रामगांव के बाद राजना और फिर टोंगलाबाद में भी राहुल गांधी खुदकुशी करने वाले किसानों के घरवालों का हाल जानेंगे.

राहुल गांधी की किसान राजनीति के लिए विदर्भ के अमरावती जिले की अहमियत इसलिए है क्योंकि ये जिला देश के अति पिछड़े जिलों में शुमार है जहां इसी साल जनवरी से अब तक 650 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

पहले पंजाब के किसानों से की थी मुलाकात
इससे पहले राहुल गांधी पंजाब के दौरे पर भी गए थे जहां उन्होंने तमाम अनाज मंडियों में किसानों की परेशानियों का जायजा लिया और दिल्ली लौटकर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कस दिया कि विदेश दौरे से फुरसत मिले तो वो पंजाब में किसानों से भी मिल आएं. जाहिर तौर पर राहुल के तंज ने किसानों के सवाल पर सियासत गरमा दी है.

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पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी विदर्भ दौरे पर निकले हैं. अमरावती में खुदकुशी करने वाले किसान परिवारों के बीच हमदर्दी जताने का काम राहुल गांधी ने उस वक्त भी किया था, जबकि केंद्र में यूपीए सरकार थी. साल 2008 में न्यूक्लियर डील पर बहस के वक्त राहुल गांधी ने कलावती के जरिए विदर्भ में किसानों की खुदकुशी का सवाल सुर्खियों में ला दिया था.

राहुल गांधी के भाषण में जिस कलावती का जिक्र आया वो विदर्भ में यवतमाल के जालका गांव की रहने वाली हैं, अब जब राहुल विदर्भ में अमरावती की यात्रा पर निकले हैं, आज तक संवाददाता ने कलावती से यात्रा के बारे में पूछा तो कलावती का सुर यही था कि किसानों के लिए अभी बहुत करने की ज़रुरत है. समूची सियासत को आईने में देखने की जरूरत है.

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