महाराष्ट्र के संभाजीनगर में गुरुवार रात को दो गुटों के बीच हिंसा में अभी तक एक की मौत हो चुकी है. इस घटना के बाद महाराष्ट्र की शिंदे सरकार विपक्ष के निशाने पर है. अब उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने सरकार पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि संभाजीनगर में बेवजह दंगा इसलिए हुआ क्योंकि 2 अप्रैल को वहां महाविकास अघाड़ी की एक रैली है.
आने वाले दिनों में होंगे दंगे- राउत
राउत ने कहा, 'जिस तरीके से संभाजीनगर में दंगा हुआ है, यह कराया गया है क्योंकि 2 तारीख को वहां एक बहुत भव्य रैली होने जा रही है. इस रैली में उद्धव ठाकरे , अजित पवार , नाना पटोले और अन्य महाविकास आघाडी के नेताओं के साथ ही लाखों की संख्या में नागरिक भी उपस्थित रहेंगे, इसलिए गवर्नमेंट स्पॉन्सर्ड दंगे कराए जा रहे हैं. आने वाले दिनों में मुंबई में भी यह लोग दंगे करेंगे क्योंकि वह डर चुके हैं और फिर से हिंदू मुसलमान का वही राजनीति करना चाहते हैं. पर संभाजीनगर में रैली होगी.'
राउत ने कहा कि बीजेपी की सरकार गुजरात में होने के बावजूद वहां दंगे होते हैं. जब राज्य में हमारी सरकार थी तब दंगे नहीं हुए थे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात दोनों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और आप ही के सरकार में दंगे क्यों होते हैं? क्योंकि यह स्पॉन्सर्ड होते है. राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में लॉ एंड ऑर्डर का बहुत बड़ा मुद्दा है जो की गृह मंत्रालय पुलिस और सरकार का यह अस्तित्व ही नहीं है.
वहीं नागपुर में महाराष्ट्र के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संभाजी नगर की स्थिति अब काबू में है और लोगों से अपील की जाती है कि वह शांति बनाए रखें साथ ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के इस उत्सव में मर्यादा भी बनाए रखें.
एक की मौत
किराड़पुरा इलाके में हुई हिंसा की घटना के बद जिंसी पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक अशोक रॉ भंडारे ने बताया अबतक 6 से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. CCTV फुटेज के माध्यम से अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है .हिंसा की घटना में राम मंदिर के नजदीक फैज कांप्लेक्स निवासी शेख मुनीरुद्दीन शेख मोहिउद्दीन को गोली लगी थी. इसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था जहां उपचार के दौरान रात को उसकी मौत हो गयी.
कैसे हुई हिंसा शुरू
यह हिंसक घटना संभाजीनगर के किराडनगर इलाके में स्थित राम मंदिर के पास हुई. 29-30 मार्च की दरमियानी रात करीब 12.30 बजे दो युवकों के बीच कहासुनी और मामला बढ़ा तो कुछ देर बाद वहां दोनों समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए और बवाल शुरू हो गया. दोनों गुट मारपीट करने लगे. पत्थरबाजी हुई, आगजनी की गई. इलाके में खड़ी गाड़ियों और पुलिस की गाड़ी में भी आग लगा दी गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उपद्रवियों को शांत कराया.
औरंगाबाद का नाम बदलकर रखा गया था छत्रपति संभाजीनगर
बता दें कि महाराष्ट्र की पूर्व की उद्धव ठाकरे सरकार ने औरंगाबाद शहर का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर रख दिया था. इसे लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस ग्रुप के बीच क्रेडिट वार भी चला था. AIMIM सांसद इम्तियाज जलील ने इस शहर का नाम बदलने का विरोध किया था.
इनपुट- विक्रांत सिंह चौहान