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सामना में शिवसेना ने किया जया का समर्थन, लिखा- तांडव करने वाले पांडव आज चुप हैं

फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स कनेक्शन को लेकर विवाद जारी है. बीते दो दिनों से ये मसला देश की संसद में गूंज रहा है. अब शिवसेना ने खुल तौर पर सामना में लेख के जरिए जया बच्चन का समर्थन किया है.

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जया बच्चन ने राज्यसभा में दिया था बयान
जया बच्चन ने राज्यसभा में दिया था बयान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शिवसेना का सामना में जया को समर्थन
  • कुछ एक्टर से ही बॉलीवुड नहीं: सामना

बॉलीवुड में ड्रग्स विवाद को लेकर नई जंग छिड़ गई है. संसद में रवि किशन और जया बच्चन इस मसले पर आमने-सामने आए, जिसके बाद बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक दल तक अलग-अलग धड़ों में बंटे हैं. बुधवार को शिवसेना के मुखपत्र सामना में जया बच्चन का समर्थन किया गया है. संपादकीय में कहा गया है कि बॉलीवुड सिर्फ कुछ कलाकारों का नहीं है, बल्कि काफी लोगों का है जिसकी पीड़ा जया बच्चन ने व्यक्त की है. 

सामना में लिखा गया है, ‘जया बच्चन के विचार जितने महत्वपूर्ण हैं, उतने ही बेबाक भी हैं. ये लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं, ऐसे लोगों पर जया बच्चन ने हमला किया है. जया बच्चन ने महिलाओं पर अत्याचार के संदर्भ में संसद में बहुत भावुक होकर आवाज उठाई है, ऐसे वक्त जब सिनेजगत की बदनामी और धुलाई शुरू है, अक्सर तांडव करने वाले अच्छे-खासे पांडव भी जुबान बंद किए बैठे हुए हैं. मानो वे किसी अज्ञात आतंकवाद के साए में जी रहे हैं और कोई उन्हें उनके व्यवहार और बोलने के लिए परदे के पीछे से नियंत्रित कर रहा है’. 

शिवसेना के मुखपत्र में जया बच्चन के समर्थन में कहा गया कि कुछ अभिनेता-अभिनेत्रियां ही पूरा बॉलीवुड नहीं है लेकिन उनमें से कुछ लोग जो अनियंत्रित वक्तव्य दे रहे हैं, यह सब घृणास्पद है. ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि मानो कलाकार से लेकर टेक्नीशियन तक ड्रग्स में फंसे हुए हैं और 24 घंटे चिलम पी रहे हैं. जो लोग बयान दे रहे हैं उनका ही डोपिंग टेस्ट होना चाहिए. 

सामना में कहा गया कि एक जमाना सहगल और देविका रानी का था, आज भी अमिताभ बच्चन महानायक पद पर विराजमान हैं. कभी उस जगह पर राजेश खन्ना थे. धर्मेंद्र, जीतेंद्र, देव आनंद, पूरा कपूर खानदान, मा. भगवान, वैजयंती माला से लेकर हेमा मालिनी और माधुरी दीक्षित से लेकर ऐश्वर्या राय तक, एक से एक बढ़िया कलाकारों ने यहां योगदान दिया है. बॉक्स ऑफिस को हमेशा चलायमान रखने के लिए आमिर, शाहरुख और सलमान जैसे ‘खान’ लोगों की भी मदद हुई ही है. ये सारे लोग सिर्फ गटर में लेटते थे और ड्रग्स लेते थे, ऐसा दावा कोई कर रहा होगा तो ऐसी बकवास करनेवालों का मुंह पहले सूंघना चाहिए.

बॉलीवुड को लेकर हो रही राजनीति पर शिवसेना ने कहा कि आज कई कलाकार सत्तापक्ष के मंत्री और सांसद हुए दिख रहे हैं. इसलिए उनकी मजबूरी समझनी चाहिए. सत्ता और सत्य के बीच में एक खाई होती है, सिनेजगत से ईमान रखना होगा तो सत्ताधारियों की ओर से टपली मारी जाएगी. फिल्म जगत ‘गटर’ बन चुका है, ऐसा बोलनेवालों ने अपनी लाज बेच दी. 

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