शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि वे ईडी से नहीं डरते और न ही केंद्र सरकार की किसी भी एजेंसी से डरते हैं. न ही उनको कोई ज्यादा महत्त्व देते हैं. सेना भवन में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए राउत ने कहा कि वे स्वर्गीय बाला साहब ठाकरे के सिद्धांतों का पालन करते हैं जिनका सिद्धांत था कि लड़ाई आमने-सामने की होनी चाहिए, न कि पीठ पीछे से वार करना चाहिए. संजय ने मीडिया से कहा कि मैं केंद्र सरकार की किसी भी एजेंसी से नहीं डरता, ईडी से भी नहीं. लेकिन मेरे परिवार को इस पचड़े में नहीं घसीटना चाहिए.
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जब मीडिया ने संजय राउत से पूछा कि उनकी पत्नी ईडी के अधिकारीयों के सामने पेश होंगी या नहीं, इस पर संजय ने जबाव दिया कि उन्होंने अभी ईडी का नोटिस पढ़ा नहीं है कि वह किस बारे में हैं. उन्होंने कहा कि अपनी पत्नी के ईडी अधिकारीयों के सामने पेश होने से पहले वो अपनी पार्टी के नेताओं मुख्यतः सीएम उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से इस मामले पर चर्चा करेंगे.
प्रेस कांफ्रेंस के बाद शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत, पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलने पहुंचे हैं. जहां पार्टी इस बात पर चर्चा की जा रही है कि वर्षा राउत को मिले ईडी के नोटिस के मामले में आगे क्या किया जाना चाहिए. सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भी सीएम उद्धव के यहां गए हुए हैं लेकिन ये अभी कन्फर्म नहीं हुआ है कि वे इस मीटिंग में शामिल हुए हैं या नहीं.
आपको बता दें कि संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को ED ने PMC बैंक धोखाधड़ी मामले में तलब किया है और उन्हें 29 दिसंबर को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा है.
शिवसेना नेता ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपने निम्नतम स्तर पर आ गई है कि वो अब अपने विरोधियों से निपटने के लिए उनके बच्चों, महिलाओं को टारगेट कर रही है. उन्होंने कहा कि ईडी नोटिस एक राजनीतिक चाल है. केंद्र सरकार, राज्य सरकार को अस्थिर करने के इरादे से विपक्षी नेताओं पर ईडी का उपयोग कर रही है. राउत ने आगे कहा कि कई प्रमुख नाम जो राज्य सरकार के निर्माण में महत्वपूर्ण थे, उन्हें पिछले एक साल में ईडी ने नोटिस भेजा है.
राउत ने आगे कहा कि मेरे परिवार ने कुछ भी गलत नहीं किया है, एक क़ानून निर्माता होने के नाते मुझे कानून और नियमों के बारे में पूरी जानकारी है. वर्तमान में ईडी केंद्र सरकार का तोता बन चुका है लेकिन इसके बावजूद एक संस्थान के रूप में मैं ईडी का सम्मान करता हूं.