दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में वीडी सावरकर की जयंती को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें महाराष्ट्र के कई सांसदों के साथ सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे. एनसीपी नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र की दो प्रमुख महिलाओं का अपमान किया गया.
MWC चीफ ने ट्वीट कर कहा, "दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में वीडी सावरकर की जंयती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले और पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होल्कर की मूर्ति को हटाने का अपराध किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद थे. अहिल्या देवी होल्कर की जयंती दो दिन बाद ही आने वाली थी. देश में नारी सम्मान के आंदोलन में सबसे आगे रहने वाली इन दो महान महिलाओं का यह अपमान उनके अस्तित्व और उनके गौरवशाली इतिहास को नकारने की मानसिकता को उजागर करता है."
रूपाली चाकणकर ने राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को इस घटना का संज्ञान लेने की अपील करते हुए इस पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है.
आज दिल्लीमधील महाराष्ट्र सदन येथे विनायक दामोदर सावरकर यांच्या जयंतीनिमित्त कार्यक्रम आयोजित केला होता.यावेळी तेथून क्रांतीज्योती सावित्रीबाई फुले आणि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचा पुतळा हटविण्याचे दुष्कृत्य करण्यात आले आणि विशेष म्हणजे या कार्यक्रमाला महाराष्ट्राचे…
— Rupali Chakankar (@ChakankarSpeaks) May 28, 2023
नाना पटोले ने भी की निंदा
वहीं इस घटना पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले की प्रतिक्रिया भी आई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में कल जो कुछ हुआ, हम उसकी निंदा करते हैं. सावित्री बाई फुले और अहिल्या देवी होलकर के पुतले को हटाया गया. इस पर सरकार ने माफी मांगनी चाहिए. महिलाओ का अपमान किया गया है.