महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मंगलवार को एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि वह शरद पवार को अपना गुरु मानते हैं. उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि शरद पवार हमारे मेंटर और गुरु हैं. हम हमेशा उनका और उनके पद का सम्मान करेंगे. वह हम सभी के लिए पिता तुल्य हैं."
उन्होंने कहा, "हम उनकी तस्वीर का इस्तेमाल अनादर के लिए नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम उनके प्रति अपनी श्रद्धा दिखा रहे हैं. 2022 में, जब एकनाथ शिंदे 40 विधायकों को सूरत और गुवाहाटी ले गए थे, तो यह निश्चित था कि एमवीए सरकार गिर जाएगी परिणामस्वरूप, उस समय एनसीपी के 51 विधायक थे, जिन्होंने स्पष्ट रूप से महसूस किया कि हमें सरकार का हिस्सा बनना चाहिए. हमारे कोई वैचारिक मतभेद नहीं हैं, अगर हम शिवसेना के साथ हो सकते हैं, तो हम निश्चित रूप से भाजपा के साथ भी जा सकते है.
एनसीपी नेता ने आगे दावा किया कि उनके साथ 40 से ज्यादा विधायक हैं. हालांकि, उन्होंने आगे कामना की कि राजनीति पारिवारिक रिश्ते के आड़े न आए और शरद पवार के साथ उनका रिश्ता वैसे ही बना रहे.
'राजनीति पारिवारिक रिश्ते के आड़े न आए'
उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि राजनीति पारिवारिक रिश्ते के आड़े न आए, मैं पवार परिवार को बहुत शुभकामनाएं देता हूं और मैं खुद को भी पवार परिवार का एक विस्तारित हिस्सा मानता हूं. हम केवल शरद पवार से इसे स्वीकार करने की अपील कर सकते हैं. वह जो सबसे अच्छा समझते हैं, उसके अनुसार अपना निर्णय ले सकते हैं.
देर रात अजित पवार से मिलने पहुंचे पटेल
महाराष्ट्र में चल रहे सियासी हलचल के बीच प्रफुल्ल पटेल मंगलवार देर रात अजित पवार से मिलने उनके आवास पहुंचे. यहां करीब 1 घंटे की मुलाकात के बाद वह अजित के आवास देवगिरी से निकले. हालांकि उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की. हालांकि माना जा रहा है कि आज होने वाली एनसीपी के दोनों धड़ों की अहम बैठकों को लेकर ये मीटिंग हुई है.
शरद पवार के खास रहे हैं प्रफुल्ल पटेल
इससे पहले रविवार को, जब प्रफुल्ल पटेल से पूछा गया कि क्या एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फड़नवीस महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने वाले एनसीपी नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय का कोई दबाव था, तो उन्होंने कहा कि किसी पर कहीं से कोई दबाव नहीं है, जैसा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आरोप लगाया था. राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल, पवार के करीबी सहयोगी रहे हैं और पिछले महीने ही एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे. वह पवार के साथ कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में मंत्री थे.
2 जुलाई को एनसीपी में हुई बगावत
बता दें कि 2 जुलाई को दोपहर दो बजे करीब महाराष्ट्र की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब नेता प्रतिपक्ष अजित पवार एक घंटे के भीतर पाला बदलकर राज्य के उपमुख्यमंत्री बन गए. रविवार का दिन था. अजित पवार अपने घर पर साथी विधायकों संग बैठक कर रहे थे. इस बैठक के बाद पवार समर्थक विधायकों के साथ तुरंत राजभवन पहुंचे और फिर डिप्टी सीएम की शपथ ले ली. उनके अलावा 8 एनसीपी विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें धर्मराव अत्रम, सुनील वलसाडे, अदिति तटकरे, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल, धन्नी मुंडे, अनिल पाटिल, दिलीप वलसे पाटिल शामिल हैं.