शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने शनिवार को रायगढ़ किले में अपना नया चुनाव चिह्न 'तुरही बजाता आदमी' लॉन्च किया, जिसे महाराष्ट्र में कुरहा या तुतारी के नाम से जाना जाता है. पार्टी कार्यकर्ताओं से समर्थन मांगते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, 'तुरही लोगों के लिए खुशी लाएगी'. उन्होंने कहा, 'लोगों की सरकार स्थापित करने के लिए, हमें संघर्ष करने की जरूरत है और इसलिए हमें तुरही चुनाव चिन्ह को मजबूत करना होगा. यह लोगों के कल्याण और उनके उत्थान के लिए काम करने वाली सरकार के लिए एक नया संघर्ष शुरू करने की प्रेरणा है'.
वहीं एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नए इलेक्शन सिंबल पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, 'महाराष्ट्र में उसको कुरहा या तुतारी बोलते हैं. एक हाथ में शिवसेना की मशाल है और अब दूसरे हाथ में कुरहा. शिवसेना की मशाल और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का
कुरहा... हम कांग्रेस के साथ मिलकर सबकी तुतारी बजा देंगे'. बता दें कि शिवसेना में टूट के बाद इलेक्शन कमीशन ने उद्धव ठाकरे गुट को पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह के लिए तीन विकल्प दिए थे. उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी का नाम शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) रखा था और जलती हुई मशाह को पार्टी का नया सिंबल चुना था.
'लोगों के मुद्दे उठाने के लिए कुछ विश्वसनीय नेतृत्व की जरूरत'
शरद पवार ने कहा, 'आज देश बहुत कठिन परिस्थिति का सामना कर रहा है. किसान संकट में हैं. युवाओं के हाथ में कोई नौकरी नहीं है. लेकिन जो लोग सत्ता में हैं वे इसका उपयोग लोगों के कल्याण के लिए नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे समाज के बीच दरार पैदा कर रहे हैं. इस कठिन समय में लोगों के मुद्दे उठाने के लिए कुछ विश्वसनीय नेतृत्व की जरूरत है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. शिवाजी महाराज ने अपनी शक्ति का उपयोग लोगों को एकजुट करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया. उन्होंने कभी भी अपना स्वराज्य किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं बनाया बल्कि उन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया'.
रायगढ़ छत्रपती शिवाजी महाराज के स्वराज्य की राजधानी थी
शरद पवार ने कहा, 'इसी सोच के साथ हम इस कुरहा या तुतारी को लॉन्च कर रहे हैं. इससे महाराष्ट्र का भाग्य बदल जाएगा. इसलिए आज का दिन बहुत खास है, क्योंकि जहां शिवाजी महाराज ने अपना स्वराज्य चलाया था, हम उस महाराष्ट्र के लोगों को नया विकल्प देने जा रहे हैं'. नए चुनाव चिन्ह के उद्घाटन के मौके पर शरद पवार के साथ प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, सांसद सुप्रिया सुले, महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, पूर्व सांसद वंदना चव्हाण, सांसद अमोल कोल्हे और कई विधायक मौजूद थे. शरद पवार ने अपनी पार्टी का चुनाव चिन्ह छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित किया.रायगढ़ किले का महाराष्ट्र की राजनीतिक में काफी महत्व है. रायगढ़ छत्रपती शिवाजी महाराज के स्वराज्य की राजधानी थी.