एनसीपी (एसपी) सुप्रीमो शरद पवार ने मंगलवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नक्शेकदम पर चलते हुए मुंबई निकाय चुनाव अकेले लड़ सकती है. इसने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में दरार की अफवाहों को बल दे दिया है. मुंबई में मीडिया को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि इंडिया ब्लॉक का गठन केवल राष्ट्रीय स्तर के चुनावों के लिए किया गया था और नगरपालिका या राज्य चुनाव एक साथ लड़ने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई थी.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में एमवीए की हार को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच इस कदम ने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कुछ महीने पहले ही लोकसभा चुनाव में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद एमवीए गठबंधन राज्य चुनावों में केवल 46 सीटें जीत सका- जिनमें से 20 शिवसेना (यूबीटी), 16 कांग्रेस और 10 एनसीपी (एसपी) को मिलीं. नतीजों के बाद शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के एक वर्ग ने उद्धव ठाकरे से एमवीए से नाता तोड़ने और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का आग्रह किया था.
'जल्द बुलाई जाएगी बैठक'
इंडिया ब्लॉक के दलों के एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने के सवाल पर शरद पवार ने कहा, 'जब इंडिया ब्लॉक का गठन हुआ था, तब केवल राष्ट्रीय मुद्दों और देश के चुनावों पर चर्चा हुई थी. स्थानीय निकाय चुनावों या राज्य चुनावों को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई थी.'
पवार ने कहा कि एमवीए आने वाले 8-10 दिनों में बैठक करेगा, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और इसके बारे में उचित फैसला लिया जाएगा. जहां तक बारामती या इंदापुर नगर परिषदों की बात है, तो हमने एमवीए के साथ चुनाव लड़ने पर भी विचार नहीं किया है. इसका यह भी मतलब नहीं है कि हम एक साथ चुनाव नहीं लड़ेंगे. हमें इस पर एक साथ चर्चा करने की जरूरत है और जल्द ही एक बैठक बुलाएंगे.
'हमें केजरीवाल की मदद करनी चाहिए'
दिल्ली विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा, 'दिल्ली केजरीवाल का गढ़ है. लोगों ने उन्हें वोट दिया है. हम साथ रहने के बारे में सोच सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.' AAP या कांग्रेस को समर्थन देने पर शरद पवार ने कहा, 'हमें लगता है कि अगर हम कर सकते हैं तो हमें केजरीवाल की मदद के लिए मिलकर काम करना चाहिए.'
RSS की तारीफ पर क्या बोले शरद पवार?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने कहा, 'उन्हें नहीं पता कि जब मैं केंद्रीय कृषि मंत्री था, तब मैं दुनिया में गेहूं, चावल, अनाज और बागवानी का सबसे बड़ा निर्यातक था. लेकिन दुख की बात है कि कुछ अनपढ़ लोग इन बातों से परिचित नहीं हैं. इसलिए ऐसे लोगों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.'
आरएसएस की विचारधारा की प्रशंसा पर उन्होंने कहा, 'यह एक साधारण बात है कि हर राजनीतिक दल के काम करने का अपना तरीका और सिद्धांत होता है. उस तरीके की प्रशंसा करना उस विचारधारा का समर्थन करना नहीं है. मैंने कहा है कि उनके कार्यकर्ताओं की मेहनत को नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता.'