scorecardresearch
 

'शिंदे दिलदार नेता, महायुति सरकार में उनका मान रखा जाना चाहिए', बोले शिवसेना नेता केसरकर

नई सरकार के गठन को लेकर महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज हो गई है. बीजेपी की ओर से पर्यवेक्षकों के नाम के ऐलान के बाद महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर जल्द साफ होने की उम्मीद है. शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने कहा है कि एकनाथ शिंदे के सम्मान का भी मान रखा जाना चाहिए.

Advertisement
X
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे

महाराष्ट्र के चुनावी नतीजे आए 10 दिन हो चुके हैं. अब तक ना मुख्यमंत्री तय हो पाया है ना ही उपमुख्यमंत्री और ना ही मंत्रियों के नाम और मंत्रालयों को लेकर भी रस्साकशी खत्म नहीं हो पाई है. एक बार फिर महायुति बैठक की खबर आई लेकिन वो बैठक हुई नहीं. एकनाथ शिंदे ने भी तबीयत का हवाला देकर अपनी सभी बैठकें रद्द कर दी हैं.

Advertisement

इस सब के बीच NCP नेता अजित पवार के दोबारा दिल्ली दौरे ने कई सवाल खड़े कर दिए. क्या महाराष्ट्र में अब भी मंत्रिमंडल को लेकर पेंच फंसा हुआ है. क्या कई बड़े विभागों के लेकर फैसला नहीं हो सका है. क्योंकि सूत्रों के हवाले से खबर है कि शिंदे गुट गृह समेत तीन बड़े मंत्रालयों की मांग कर रहा है जिसे लेकर अब तक फैसला नहीं हो पाया है.

एकनाथ शिंदे का भी रखना चाहिए खयाल- केसरकर
इस बीच महाराष्ट्र में सीएम पद के चेहरे पर शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने कहा, "सरकार तो वैसे भी बन ही रही है. शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को तय किया गया है. यह गलत है कि एकनाथ शिंदे की वजह से राज्य में सरकार नहीं बन पा रही है. भाजपा ने आज पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, इसलिए सीएम चेहरे की घोषणा जल्द होगी.'

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'चिंता मत करो, सब...', CM का नाम फाइनल नहीं होने के सवाल पर बोले एकनाथ शिंदे

केसरकर ने आगे कहा, 'एकनाथ शिंदे ने साफ कर दिया है कि पीएम मोदी और अमित शाह का फैसला अंतिम होगा. गृह विभाग अकेले गृह मंत्री नहीं चला सकते. इसे सीएम और गृह मंत्री मिलकर चलाते हैं. राज्यों में गृह विभाग के सभी अधिकार सीएम के पास होते हैं. 99% संभावना है कि देवेंद्र फडणवीस सीएम बनेंगे. एकनाथ शिंदे दिलदार नेता है और उनके मान का भी सम्मान रखा जाना चाहिए.' 

जल्द गठित होगी नई सरकार

आपको बता दें कि एक दिन पहले सतारा से लौटते वक्त शिंदे ने फिर से साफ किया था कि सीएम पद पर पीएम मोदी और अमित शाह का फैसला उन्हें मंजूर होगा. वहीं बीजेपी के पर्यवेक्षक तय होने के बाद अब माना जा रहा है कि महायुति के तीनों दलों में जल्द सभी मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश होगी...जल्द ही महाराष्ट्र की नई सरकार की तस्वीर साफ होगी. 

यह भी पढ़ें: 'जब भी गांव जाते हैं कोई बड़ा फैसला लेकर लौटते हैं...', एकनाथ शिंदे के दरयागंज दौरे पर बोले संजय शिरसाट

Live TV

Advertisement
Advertisement