scorecardresearch
 

शिवसेना में टकराव! शिंदे गुट के 'ऑपरेशन टाइगर' के खिलाफ ठाकरे गुट ने बनाया ये प्लान

शिंदे गुट ने पहले ही ठाकरे गुट में सेंध लगाते हुए महत्वपूर्ण प्रगति कर ली है, जिसमें पूर्व विधायक राजन साल्वी, पूर्व मंत्री रवींद्र वायकर और कई पार्षद उनके साथ शामिल हो गए हैं. वहीं उद्योग मंत्री उदय सामंत ने दावा किया कि ठाकरे की सेना के नौ में से लगभग पांच सांसद शिंदे के गुट के संपर्क में हैं और ठाकरे की सेना और कांग्रेस के कुछ विधायक एकनाथ शिंदे के साथ जुड़ने को तैयार हैं.

Advertisement
X
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना में जोड़ृ-तोड़ की राजनीति तेज है
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना में जोड़ृ-तोड़ की राजनीति तेज है

महाराष्ट्र में शिवसेना (शिंदे) ने उद्धव ठाकरे के खेमे से सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को अपने पाले में लाने के लिए "ऑपरेशन टाइगर" शुरू किया है. हालांकि, ठाकरे गुट इसे हल्के में नहीं ले रहा है और शिंदे के आक्रामक प्रचार का मुकाबला करने के लिए हरकत में आ गया है. हाल ही में हुई एक बैठक में संजय राउत, विनायक राउत, अंबादास दानवे और अनिल देसाई समेत पार्टी के प्रमुख नेताओं ने पार्टी के भीतर नुकसान को कम करने की रणनीति बनाई. 

Advertisement

अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ठाकरे का गुट हर मंगलवार को शिवसेना भवन में साप्ताहिक समीक्षा बैठक करेगा, जहां सभी नेता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर चर्चा करने और संकट से निपटने के लिए एकत्र होंगे.

ठाकरे गुट की जवाबी रणनीति

- शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की राय जानने के लिए राज्य भर में विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगे.
- निकट भविष्य में ठाकरे की शिवसेना में संगठनात्मक बदलाव की उम्मीद है.
- पार्टी के खिलाफ काम करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

कई नेता शिंदे शिवसेना में हो चुके शामिल

बता दें कि शिंदे गुट ने पहले ही ठाकरे गुट में सेंध लगाते हुए महत्वपूर्ण प्रगति कर ली है, जिसमें पूर्व विधायक राजन साल्वी, पूर्व मंत्री रवींद्र वायकर और कई पार्षद उनके साथ शामिल हो गए हैं. वहीं उद्योग मंत्री उदय सामंत ने दावा किया कि ठाकरे की सेना के नौ में से लगभग पांच सांसद शिंदे के गुट के संपर्क में हैं और ठाकरे की सेना और कांग्रेस के कुछ विधायक एकनाथ शिंदे के साथ जुड़ने को तैयार हैं. 

Advertisement

राज्य में सत्ता संघर्ष तेज होने के साथ ही ठाकरे का गुट अपनी जमीन बचाने के लिए कमर कस रहा है. 14 पदाधिकारियों के नेतृत्व वाले पदों, 43 के उपनेता और 10 के सचिवों के साथ, आगे के दलबदल को रोकने के लिए पार्टी के संगठनात्मक पदानुक्रम की फिर से जांच की जा रही है. पार्टी के भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए हर हफ्ते मुंबई में सुभाष देसाई, दिवाकर रावते, आदित्य ठाकरे और संजय राउत सहित 14 प्रमुख नेताओं की बैठक होगी.

Live TV

Advertisement
Advertisement