शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयान को लेकर निशाना साधा है. शिवसेना ने कहा कि अगर संविधान को चुनौती देने के लिए कोई चीन की मदद लेने की बात करता है तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए.
महबूबा मुफ्ती के अनुच्छेद 370 के बयान पर शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि चाहे फारूक अब्दुल्ला हों या महबूबा मुफ्ती, अगर कोई भारत के संविधान को चुनौती देने के लिए चीन की मदद लेने की बात करता है, तो उन्हें गिरफ्तार कर 10 साल के लिए अंडमान भेजा जाना चाहिए. वे कैसे आजाद घूम रहे हैं?
Be it Farooq Abdullah or Mehbooba Mufti, if someone talks about taking China's help to challenge India's constitution, then they should be arrested & sent to Andaman for 10 years. How are they roaming free?: Shivsena leader Sanjay Raut on Mehbooba Mufti's Article 370 statement pic.twitter.com/UIatEjUslT
— ANI (@ANI) October 31, 2020
शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति पुणे से होती है. बाल ठाकरे जब तक थे, तब तक मुंबई से होती थी. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बहुत अच्छा काम हुआ है. कोरोना अभी काबू में है.
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तेजस्वी बन सकते हैं सीएम
संजय राउत ने कहा कि बिहार में चुनाव के दौरान क्या चल रहा है? ये सबको पता है, फिर भी सबको लगता है कि चुनाव पारदर्शक होंगे. तेजस्वी अगर बहुमत के साथ बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा.
संजय राउत ने कहा कि शिवसेना के राजकीय पक्ष का जन्म ही एक न्यूज पेपर से हुआ है. न्यूज पेपर को खत्म करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि शरद पवार अगर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का मार्गदर्शन करते हैं तो इससे बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटील के पेट में दर्ज क्यों हो रहा है.
संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का मार्ग दर्शन करते रहते हैं. पंकजा मुंडे के शिवसेना ज्वाइन करने के सवाल पर संजय राउत ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. अगर पंकजा मुंडे को शिवसेना ज्वाइन करने का कोई ऑफर दे सकता है तो वो हैं सीएम उद्धव ठाकरे. उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना के 55 विधायक हैं. इसीलिए तीनों दल एक साथ आये हैं. मौजूदा सरकार शिवसेना के बलबूते चल रही है.