विदर्भ में 24 घंटे में पांच किसानों की आत्महत्या की घटना सामने आने के बाद शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है. सामना में शिवसेना ने बीजेपी पर सवाल उठाए हैं कि चुनाव के समय किए गए वादों का क्या हुआ है? विदर्भ में किसानों की हालत नहीं सुधरी है, आज भी 24 घंटे में पांच किसान जान दे रहे हैं.
अपने मुखपत्र 'सामना' में शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार और उसकी नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं. पार्टी ने लिखा है कि चुनाव के वक्त किए गए वादों का कुछ नहीं हुआ. सरकार बदल गई है, लेकिन विदर्भ के किसानों की हालत नहीं बदली है. उसमें यह भी लिखा गया है कि मुख्यमंत्री खुद विदर्भ से हैं पर किसान वहां आज भी मर रहे हैं.
'सामना' में लिखा गया, 'विदर्भ के पुत्र देवेंद्र फड़नवीस के होने के कारण विदर्भ के किसानों में एक नई उम्मीद जगी थी, लेकिन पिछले 24 घंटे में विदर्भ के ही किसानों ने आत्महत्या कर ली. ये किसान सूखे और कर्ज के बोझ में दबे हुए थे.'
अखबार ने लिखा है, 'विदर्भ में पांच किसानों ने आत्महत्या की, यवतमाल में चार और चंद्रपुर जिले में एक किसान ने खुद को मारा. यहां किसानों ने जहर खाया है, दारू नहीं पी. चुनाव के दौरान जो आश्वासन दिए गए थे, उसका क्या हुआ? आश्वासनों को पूरा करने की जिम्मेदारी किसकी है? ये किसान सम्मान से जी सकें, इसकी जिम्मेदारी महाराष्ट्र के राजनेताओं की है.'
महाराष्ट्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए शिवसेना ने लिखा, 'किसानों ने बीजेपी के नेताओं को भर-भर के वोट दिए. मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री सब विदर्भ के हैं, फिर भी किसान क्यों मर रहे हैं.?'