महाराष्ट्र सरकार की तरफ से राज्य में होने वाले पंचायत समिति के चुनाव को स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जो याचिका दायर की गई थी, उस पर फैसला आ गया है. इसमें सुप्रीम कोर्ट ने उपचुनाव करवाने का फैसला दिया है.
महाराष्ट्र चुनाव आयोग को चुनाव की तैयारी करने को कहा गया है. साथ ही साथ हिदायत दी गई है कि कोरोना संकट की वजह से लॉकडाउन गाइडलाइंस का पालन और अनुकूल परिस्थितियां का ध्यान रखना है.
बता दें कि आरक्षण की 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन होने के मुद्दे के बाद पांच जिलों की जिला परिषद और इसके तहत आने वाली 33 पंचायत समितियों की सीटें खाली हुई थीं. इनपर 19 जुलाई को उपचुनाव होना है. लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इसपर फिलहाल रोक लगाने की अर्जी दायर की थी. 28 जून को दायर अर्जी में कहा गया था कि उपचुनाव पर अगले छह महीने की रोक लगाई जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा - समयसीमा में चुनाव जरूरी
मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस एएम खानविलकर (Justice AM Khanwilkar) ने राज्य के चुनाव आयोग को महाराष्ट्र में उपचुनाव करवाने की इजाजत दी. जस्टिस ने मंजूरी देने के पीछे तर्क दिया कि क़ानून और संविधान के मुताबिक, एक समयसीमा में चुनाव आयोग का चुनाव करवाना जरूरी है.
कोर्ट ने कहा कि कोरोना काल में चुनाव को कैसे करवाना है, इसका भार चुनाव आयोग पर है. इस पर सीनियर वकील परमजीत पटवालिया ने कहा कि देखना होगा कि अनुकूल परिस्थितियां हैं या नहीं. फिर जस्टिस एएम खानविलकर ने कहा कि ऑर्डर पढ़कर बताएं कि क्या-क्या परेशानियां हैं.