कोरोना संकट काल के बीच त्योहारों के आने से सरकारों की चिंताएं काफी बढ़ने लगी हैं. इस बीच सोमवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ की गुरुद्वारा समिति ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हुए शोभा यात्रा निकालने की अनुमति मांगी. नांदेड़ में गुरु गोविंद सिंह का निर्वाण स्थल है, जहां दशहरे के आसपास शोभा यात्रा निकलनी है. सोमवार को सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि यात्रा पर अंतिम फैसला महाराष्ट्र सरकार ही लेगी.
हालांकि, याचिकाकर्ता अभी भी बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं. सोमवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस नागेश्वर राव, जस्टिस हेमन्त गुप्ता और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने की.
कोरोना संकट के कारण महाराष्ट्र सरकार ने अभी मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को बंद रखने का फैसला किया है. हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा नियमों के तहत इन्हें खोलने की इजाजत दे दी गई है.
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नांदेड़ गुरुद्वारा समिति ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि केंद्र ने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों को निश्चित लोगों की उपस्थिति के साथ इजाजत दी है, ऐसे में हमें भी इजाजत मिलनी चाहिए. हम नियमों का ध्यान रखेंगे, जैन मंदिर समेत और अन्य मंदिर भी देश में खुलने लगे हैं.
हालांकि, इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर सड़क पर भीड़ इकट्ठा हुई तो क्या होगा, क्योंकि अभी भी हेल्थ का रिस्क है. गुरुद्वारा समिति की ओर से कहा गया कि उन्होंने लोगों से यात्रा में ना आने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कोरोना संकट का हवाला दिया है और स्थिति को समझने की बात कही है.
महाराष्ट्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि इस बार गणेश चतुर्थी पर भी किसी तरह के कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी गई. महाराष्ट्र की ओर से कहा गया कि केंद्र ने भले ही मंजूरी दी है, लेकिन स्वास्थ्य का मसला राज्य सरकार का है. महाराष्ट्र कोरोना से सबसे प्रभावित राज्य है, ऐसे में हम रिस्क नहीं ले सकते हैं.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में धार्मिक स्थल के मसले पर पहले भी काफी विवाद हुआ था, जिसमें राज्यपाल ने राज्य सरकार को चिट्ठी लिखी थी. हालांकि, ताजा दिशा निर्देश में राज्य सरकार ने धार्मिक स्थलों को बंद रखने का ही फैसला रखा.