महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 21 दिन बाद रविवार को महायुति सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है. कुल 39 मंत्रियों ने शपथ ली है. इसमें 6 राज्य मंत्री हैं. इससे पहले 5 दिसंबर को देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री की शपथ ली थी. कैबिनेट में कुल 43 सदस्य शामिल हो सकते हैं. यानी सिर्फ एक बर्थ खाली रखी गई है.
फडणवीस कैबिनेट में 42 सदस्य शामिल हो गए हैं. एक-दो दिन में मंत्रालय का बंटवारा भी कर दिया जाएगा. महायुति का कहना है कि आम सहमति से संख्या निर्धारित हुई है और आम सहमति से मंत्रियों के नाम तय हुए हैं. आगे पोर्टफोलियो भी सहमति के साथ बांटे जाएंगे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शपथ ग्रहण के बाद यह भी साफ कर दिया कि आगे वही मंत्री रह पाएगा, जो बेहतर परफॉर्मेंस देगा. यानी गड़बड़ी और विवादों में रहने वाले मंत्रियों को ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
'ढाई महीने में भी बदला जा सकता है...'
महाराष्ट्र में मंत्रियों को लेकर ढाई-ढाई साल वाले फॉर्मूले की भी बात सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना और एनसीपी से मंत्री बने नेताओं को शपथ पत्र देना होगा. हालांकि, फडणवीस ने किसी समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया है. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनकी पार्टी के मंत्रियों को ढाई साल मिलेंगे और जो प्रदर्शन करेंगे वे प्रगति करेंगे. अजित पवार ने कहा, अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वालों को ढाई महीने में भी बदला जा सकता है.
सही काम नहीं तो काटा जाएगा पत्ता
सीएम फडणवीस ने कहा, हम सभी मंत्रियों के परफॉर्मेंस का ऑडिट करने जा रहे हैं और अगर ऑडिट में यह पाया जाएगा कि मंत्री सही काम नहीं कर रहे हैं तो उस मंत्री के नाम पर पुनर्विचार किया जाएगा. यानी उस मंत्री का पत्ता काटा जाएगा और नए विधायक को मंत्रा बनाकर मौका दिया जाएगा. जिन बीजेपी नेताओं को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई, उन्हें संगठनात्मक भूमिका सौंपी जा सकती है.
ढाई साल का कार्यकाल रहेगा...
शिवसेना नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, मंत्रियों के लिए रोटेशनल फॉर्मूले पर बात नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी पार्टी ने हर मंत्री को 2.5 साल का कार्यकाल देने का निर्णय लिया है. या तो काम करो, या फिर पद छोड़ दो. यह नियम लागू किया जाएगा. जो मंत्री अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. इस नियम से ज्यादा विधायकों को प्रदर्शन का मौका मिलेगा, जिससे वे अपनी क्षमता साबित कर सकेंगे और पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे.
दो-तीन में बांट दिए जाएंगे मंत्रालय
फडणवीस ने कहा, विभागों के बंटवारे पर हम आम सहमति पर पहुंच गए हैं. अगले 2-3 दिनों में अंतिम रूप दिया जाएगा. पालक मंत्री (जिला प्रभारी मंत्री) के लिए बैठेंगे और बातचीत के बाद निर्णय करेंगे. उन्होंने कहा, 39 नेताओं ने शपथ ली है, इनमें से 6 राज्य मंत्री हैं. दो दिन में साफ हो जाएगा कि किसे कौन सा विभाग दिया जाएगा. इस सत्र में 20 बिल आएंगे.
विपक्ष को एलओपी तक नहीं मिला
शिंदे ने कहा, हमने जो काम किया, वो सबने देखा है. 86 कैबिनेट बैठकें हुईं और 850 फैसले लिए गए. आगे भी हम एक टीम के रूप में काम करेंगे. विपक्ष की स्थिति ऐसी है कि एलओपी का नेता तक नहीं मिला. जनता ने दिखा दिया है कि वे काम करने वालों के साथ खड़े हैं. हमने उन्हें (विपक्ष को) आमंत्रित किया था और मुझे लगा कि वे (शपथ ग्रहण समारोह में) आएंगे. इन्होंने हमें 2.5 साल तक हल्के में लिया. जनता ने विपक्ष को दरकिनार किया है.
'हमने टीम की तरह काम किया'
एकनाथ शिंदे का कहना था कि मैच नया है, विपक्ष वही है. हमने एक टीम की तरह काम किया है. देवेंद्र जी और अजित दादा मेरे साथ हैं. मैंने पहले भी कहा था कि मैं 200 विधायक लाऊंगा. अजित पवार का आना बोनस है. जनता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है. गतिशील तरीके से निर्णय लिये जाएंगे. उन्होंने कहा, कर्नाटक, झारखंड में जीतने के बाद वो (विपक्ष) कहते हैं कि ईवीएम अच्छी है और अगर वो हार जाते हैं तो वे चुनाव आयोग को दोषी ठहराते हैं.
'जल्द काम शुरू किया जाएगा'
डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, 23 तारीख (नवंबर) को महायुति सरकार आई और आज कैबिनेट का शपथ ग्रहण हुआ. आने वाले दिनों में काम शुरू कर दिया जाएगा. हम उन्हें (विपक्ष को) कभी नजरअंदाज नहीं करेंगे. हालांकि, उनकी संख्या कम है.
किस-किस ने मंत्री पद की शपथ ली...
सबसे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और राधाकृष्ण पाटिल ने शपथ ली. राधाकृष्ण, 6 मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं. उसके बाद पंकजा मुंडे और उनके भाई धनंजय मुंडे भी मंत्री बने हैं. बीजेपी की ओर से 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ थी. शिवसेना के 11 विधायक मंत्री बने. वहीं, एनसीपी से 9 मंत्री बने.
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के पास गृह, राजस्व, सिंचाई, शिक्षा जैसे अहम मंत्रालय रहेंगे. वहीं, शिवसेना को शहरी विकास, आवास, उद्योग, परिवहन, आईटी, पर्यटन मंत्रालय मिलेंगे. जबकि वित्त, सहकारिता और खेल मंत्रालय NCP के खाते में जा सकते हैं.
महाराष्ट्र में मंत्रियों की शपथ के दौरान नाराजगी की भी खबरें आईं. मंत्रिमंडल में शामिल ना किए जाने से नाराज नरेंद्र भोंडेकर ने शिवसेना उपनेता के पद से इस्तीफा दे दिया. वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी राज्य में एक भी मंत्री पद ना मिलने पर नाराजगी जताई है.
कौन-कौन मंत्री बना...
बीजेपी
शिवसेना
एनसीपी