महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के उनके खिलाफ तंज को 'सुपारी' (ठेका) लेने जैसा करार दिया और कहा कि तंज कसते समय शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए, नहीं तो प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है. शिंदे ने सोमवार को कामरा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन उसकी भी एक सीमा होनी चाहिए.
दरअसल, कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने शो में शिंदे के राजनीतिक करियर पर तंज कसा था, जिससे महाराष्ट्र में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कमरा ने फिल्म "दिल तो पागल है" के एक लोकप्रिय हिंदी गाने का पैरोडी किया, जिसमें शिंदे को "गद्दार" (देशद्रोही) के रूप में संदर्भित किया गया. इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र में हाल की राजनीतिक घटनाओं पर भी मजाक किया, जिनमें शिवसेना और एनसीपी का विभाजन शामिल था. इस वीडियो के सामने आने के बाद शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट कॉमेडी क्लब को नुकसान पहुंचाया.
क्या बोले एकनाथ शिंदे
शिंदे ने कहा, 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, हम व्यंग्य को समझते हैं. लेकिन उसकी भी एक सीमा होनी चाहिए. यह 'सुपारी' लेने जैसा है, किसी के खिलाफ बोलने के लिए.' शिवसैनिकों द्वारा कामरा के शो वाले स्थल और उस पर स्थित होटल को नुकसान पहुंचाने के बारे में शिंदे ने कहा कि दूसरे व्यक्ति को भी एक स्तर बनाए रखना चाहिए. नहीं तो उनपर भी एक्शन होगा.
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एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह वही व्यक्ति (कामरा) है जिसने कोर्ट, प्रधानमंत्री, (पत्रकार) अर्नब गोस्वामी और कुछ उद्योगपतियों पर टिप्पणी की थी. यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है. यह किसी के लिए काम करना है. वहीं, कामरा ने अपनी शिंदे के खिलाफ टिप्पणियों के लिए माफी न मांगने की बात कही है.