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ठाणे में CSR फंड देने के नाम पर कारोबारी से फर्जीवाड़ा, ठगों ने लगाया 32 लाख रुपये का चूना

महाराष्ट्र के ठाणे में सीएसआर फंड देने के नाम पर ठगों ने एक कारोबारी को 32 लाख रुपये का चूना लगा दिया. यह मामला साल 2017 का हैं लेकिन पुलिस ने अब 7 सालों बाद धोखाधड़ी करने के आरोप में आंध्र प्रदेश के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. ये ठगी आरबीआई अफसर बनकर की गई थी.

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फेक ट्रेडिंग में लोगों को लग रहा चूना: (Photo: Meta AI)
फेक ट्रेडिंग में लोगों को लग रहा चूना: (Photo: Meta AI)

महाराष्ट्र के ठाणे में एक कारोबारी से 32 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक व्यवसायी से सीएसआर फंड देने के नाम पर 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में आंध्र प्रदेश के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

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न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा कि शिक्षा सेवा फर्म चलाने वाले व्यवसायी की शिकायत के आधार पर, कल्याण पुलिस ने शुक्रवार को जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य आरोपों को लेकर भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है.

2017 में हुई थी धोखाधड़ी

उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी अप्रैल और जून 2017 के बीच हुई थी. अधिकारी ने कहा कि आरोपी रतनलाल वेणु गोपालराव और साहूकार सुनीत शेखर, दोनों विशाखापत्तनम के रहने वाले हैं और मुंबई की रहने वाली श्रावणी रमेश रेड्डी ने पीड़ित के लिए सीएसआर फंड का वादा किया था.

उन्होंने कहा कि तीनों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और एक प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी के दस्तावेज पेश किए. उन्होंने खुद को आरबीआई के अफसर के रूप में पेश किया और पीड़ित के लिए सीएसआर फंड और 5 करोड़ रुपये के दान का प्रबंधन करने की पेशकश की.

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अधिकारियों ने कहा कि आरोपी ने सीएसआर फंड हासिल करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कारोबारी से 32 लाख रुपये की मांग की. हालांकि, वो वादा किए गए पैसे या दान देने में विफल रहे और पैसे वापस नहीं किए. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.

 

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