महाराष्ट्र की राजनीति के लिए 30 जून का दिन अहम है. सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को फ्लोर टेस्ट को लेकर बड़ा फैसला सुनाया. इसके बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. ठाकरे के इस्तीफे के बाद एकनाथ शिंदे नई सरकार के गठन का फैसला लेंगे. शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसकर ने कहा कि उद्धव का इस्तीफा हमारे लिए खुशी की बात नहीं है. वे हमारे नेता थे. उन्होंने कहा कि हम सब अपने विधायक के साथ बैठक करेंगे और महाराष्ट्र के हित में जो फैसला होगा उसे लिया जाएगा.
MLA होकर भी उद्धव से छह महीने तक नहीं मिल सका
केसकर ने कहा कि मैं एक विधायक होकर भी उद्धव ठाकरे से छह महीने तक नहीं मिल सका. सीएम का ऑफिस विधायकों को अच्छा रिस्पांस नहीं कर रहा. उन्होंने कहा कि उद्धव के प्रति हमारी निष्ठा है.
उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद देवेंद्र फडणवीस को मिठाई खिलाते नेताओं की तस्वीर सामने आई. वहीं, एकनाथ शिंदे के घर के बाहर पटाखे फोड़े गए, मिठाइयां बांटी गईं.
दो जगहों के नाम बदले
बता दें कि बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में कांग्रेस ने कुछ जगहों और प्रोजेक्ट्स के नाम बदलने की मांग की थी. कांग्रेस ने इस मीटिंग में पुणे का नाम राजमाता जिजाबाई के नाम पर जिजाऊ नगर रखने की मांग की थी. इसके अलावा कांग्रेस ने सेवरी न्हावा देवा ट्रांस हार्बर लिंक का नाम बदलकर बैरिस्टर एआर अंतुले रखने की मांग भी की थी. उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव कर दिया.
देवेंद्र फडणवीस ले सकते हैं सीएम पद की शपथ
उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद ऐसी अटकलें हैं कि बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री बन सकते हैं. वे 1 जुलाई को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं. हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
राज्यपाल से मिले थे फडणवीस
मंगलवार को पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस उद्धव सरकार के खिलाफ फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर राजभवन गए थे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी. फडणवीस ने कहा था कि शिवसेना के दो तिहाई विधायक बाहर हैं और वो एनसीपी और कांग्रेस के साथ नहीं रहना चाहते हैं. उद्धव सरकार अल्पमत में है. इस स्थिति में मुख्यमंत्री सदन में बहुमत साबित करें.
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