शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी का महाराष्ट्र में सरकार चलाने को लेकर बीजेपी के साथ कोई मतभेद नहीं है. उन्होंने सूखा पीड़ित किसानों को राहत देने के मामले में बीजेपी की आलोचना करने वाले ‘सामना’ के संपादकीय को लेकर उठे विवाद को कोई तवज्जो नहीं दिया.
रायगढ़ जिले में कर्जत तालुका से पीजैंट्स एंड वर्कर्स पार्टी के महेंद्र थोर्वे को शिवसेना में शामिल करने की घोषणा करते हुए उद्धव ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा, ‘चुनाव से पहले जो भी आश्वासन और वादे किए गए, यह हमारा कर्तव्य है कि ये पूरे हों और उन्हें कारगर तरीके से लागू किया जाए. शिवसेना उसके लिए बीजेपी के साथ मिलकर काम करेगी.’
उद्धव ने कहा, ‘शिवसेना-बीजेपी गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है.’ उन्होंने कहा कि जो भी काम करने की जरूरत है, दोनों पार्टियां साथ मिलकर इसे करेंगी.
मरीन ड्राइव पर सोडियम वैपर लाइट की जगह एलईडी बल्ब लगाए जाने को लेकर शिवसेना-बीजेपी के आमने-सामने होने पर जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उद्धव ने कहा कि वृहन्मुंबई नगर निगम के संबंध में सरकार के स्तर पर जो फैसले किए जा रहे हैं, उसे निर्वाचित प्रतिनिधियों के सलाह-मशविरे से किया जाना चाहिए. राज्य में और विशेषकर विदर्भ में किसानों के आत्महत्या करने के मुद्दे पर शिवसेना ने फड़नवीस सरकार की कड़ी आलोचना की है.
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में पार्टी ने देवेंद्र फड़नवीस और वित्त मंत्री सुधीर मुगंतीवार पर 24 घंटे में पांच से अधिक किसानों के आत्महत्या करने को लेकर निशाना साधा था. ये किसान अपना कर्ज चुकाने में अक्षम थे. संपादकीय पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बीजेपी नेता विनय सहस्रबुद्धे और विनोद तावड़े ने कहा था कि संपादकीय को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए और शिवसेना से कहा था कि वह समाचार पत्र के संपादकीय के जरिए बीजेपी से संवाद नहीं करे.
-इनपुट भाषा से