महाराष्ट्र के बीड जिले के मसाजोग गांव के युवा सरपंच संतोष देशमुख की सोमवार को दिनदहाड़े किडनैप कर हत्या कर दी गई. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू की. इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों जयराम चाटे और महेश केदार को गिरफ्तार किया है. जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
यह घटना 9 दिसंबर को दोपहर करीब तीन बजे की है, जब संतोष देशमुख अपने चचेरे भाई शिवराज देशमुख के साथ टाटा इंडिगो कार में मसाजोग गांव जा रहे थे. रास्ते में एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनकी कार को रोका. गाड़ी से छह लोग उतरे और सरपंच संतोष देशमुख को जबरन गाड़ी से खींचकर अपहरण कर लिया. इसके बाद उनका शव केज तालुका के दहितना फाटा पर बरामद हुआ. संतोष के शरीर पर गहरी चोटों के निशान मिले थे.
युवा सरपंच की बेरहमी से हत्या
पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण 6 दिसंबर को हुई एक विवादित घटना हो सकती है, जिसमें सरपंच ने अवदा पवन ऊर्जा परियोजना के विवाद को सुलझाने में हस्तक्षेप किया था. इसी विवाद के चलते आरोपियों ने हत्या को अंजाम दिया.
बीड के सांसद बजरंग सोनवणे ने घटना पर शोक जताया और पुलिस अधीक्षक पर फोन न उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो हत्या रोकी जा सकती थी.
पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया
पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और आरोपी पकड़ने के लिए छह टीमें गठित की हैं. इस बीच नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है.
(रिपोर्ट- योगेश काशिद)