मजबूरी का हवाला देकर अपनी किस्मत पर रोने वाले तो आपको बहुत मिल जाएंगे, लेकिन मुंबई के युवक ने एक नई मिसाल पेश की है. 12 साल तक BMC में सफाईकर्मी का काम करने वाले मयूर को यूके में पीएचडी करने का मौका मिला है. देखें वीडियो