आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पुणे के एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद कुछ लोग नए मुद्दे उठाकर हिंदुओं के नेता बनना चाहते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है. भागवत ने सद्भावना का मॉडल बनाने पर जोर दिया. भागवत ने द्वेष और शत्रुता से बचने की सलाह दी.