शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेता-मंत्रियों का मानना है कि केंद्र सरकार ने बजट में महाराष्ट्र के साथ इंसाफ नहीं किया. बजट चर्चा में भी जीएसटी कंपनसेशन से लेकर मुंबई मेट्रो के लिए जमीन के मुद्दे को महाराष्ट्र के सांसदों ने उठाया. बजट पर चर्चा के वक्त संसद में कई पार्टियों के सांसदों ने केंद्र सरकार से (MPLAD) scheme को दोबारा शुरू करने की मांग की. इस स्कीम के तहत सांसद अपने क्षेत्र के विकास के लिए हर साल पांच करोड़ रूपए तक दे सकते हैं. कोरोना की वजह से केंद्र ने इस फंड को रोक दिया है. चर्चा के दौरान एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री इस मामले में महाराष्ट्र के वित्त मंत्री अजित पवार से सबक ले सकती हैं. साउथ मुंबई के सांसद अरविंद सावंते ने भी संसद में मुंबई और महाराष्ट्र की उपेक्षा का आरोप लगाया. सावंत ने मुंबई मेट्रो के अटकाने के लिए केंद्र को जिम्मेदार बताया.