रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों में एक नई मिसाइल लगाने जा रही है. यह मिसाइल बेयॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) है. यानी जहां पायलट की नजर नहीं जाती वहां पर भी यह मिसाइल दुश्मन धराशाई कर देगी. रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ 2971 करोड़ रुपये की डील की है. इस मिसाइल का नाम है अस्त्र एमकेआई (ASTRA MkI).
अभी तक इस कैटेगरी की स्वदेशी मिसाइल मौजूद नहीं थी. यह कई वैरिएंट्स में मौजूद है. किसी भी तरह के रेंज में हमला करने में सक्षम है. फिलहाल तो वैरिएंट्स मौजूद हैं वो 10 किलोमीटर से लेकर 110 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है. इसे फिलहाल सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट में लगाया गया है. लेकिन भविष्य में मिराज 2000, तेजस और मिकोयान मिग-29 में भी लगाया जाएगा. (फोटोः ट्विटर/ddodianews)
अस्त्र एमके-I BVRAAM को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने डिजाइन और विकसित किया है. बेयॉन्ड विजुअल रेंज यानी जो टारगेट नजरों से नहीं दिखते, उन्हें मार गिराने में यह मिसाइल काम आएगी. ऐसी मिसाइलें अपने फाइटर जेट को स्टैंड ऑफ रेंज प्रदान करते हैं. स्टैंड ऑफ रेंज का मतलब होता है कि दुश्मन की तरफ मिसाइल फायर करके खुद उसके हमले से हमले से बचने की सही समय मिल जाए. डीआरडीओ इस मिसाइल का कई सफल परीक्षण कर चुका है.
अस्त्र एमकेआई (ASTRA MkI) मिसाइल 154 किलोग्राम वजनी है. करीब 12.6 फीट लंबी है. इसका व्यास 7 इंच है. एक मिसाइल की कीमत करीब 7 से 8 करोड़ रुपये आती है. साल 2017 से लगातार बनाई जा रही है. इसका पहला वैरिएंट है- अस्त्र एमकेआई (ASTRA MkI). इसकी रेंज 110 किलोमीटर है.
अस्त्र एमके-I मिसाइल में 15 किलोग्राम वजनी हाई-एक्सप्लोसिव प्री-फ्रैगमेंटेड हथियार लगा सकते हैं. 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है. यानी फाइटर जेट से लॉन्च करने के बाद भी यह इतनी ऊपर और जा सकेगी. सबसे खतरनाक बात है इसकी गति. यह मैक 4.5 की गति से दुश्मन की ओर बढ़ती है. यानी 5556.6 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से. यानी दुश्मन को बचने का मौका नहीं मिलेगा. (फोटोः ट्विटर/ssbcrackexams)
इसके अलावा तीन और वैरिएंट्स बनाए जा रहे हैं. पहला अस्त्र आईआर (ASTRA IR). यह 80 किलोमीटर रेंज की होगी. दूसरा अस्त्र एमके 2 (ASTRA Mk2). इसकी रेंज 160 किलोमीटर होगी. तीसरी अस्त्र एमके 3 (Astra Mk 3). इसकी रेंज 350 किलोमीटर होगी. यानी इतने अलग-अलग रेंज और वैरिएंट्स के साथ जब भारतीय फाइटर जेट सीमा या युद्ध क्षेत्र पर जाएंगे तो उनकी गर्जना सुनकर ही दुश्मन की हालत खराब हो जाएगी.
अस्त्र एमकेआई (ASTRA MkI) बेयॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल की गति इसे और घातक बनाती है. यानी 5556.6 किलोमीटर प्रतिघंटा. यह इतनी गति से अगर टारगेट की ओर बढ़ेगी तो इसका किसी भी रडार में आना मुश्किल है.
अस्त्र एमकेआई (ASTRA MkI) को एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) और HAL ट्विवन इंजन डेक बेस्ड फाइटर जेट (TEDBF) में भी लगाने की योजना है. ऐसे लड़ाकू विमानों को भारत में ही बनाया जाएगा. ये छठीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की खासियतों से लैस होंगे. (फोटोः भारतीय वायुसेना)
अस्त्र एमकेआई (ASTRA MkI) की एक खास बात और है कि इसे टारगेट की तरफ छोड़ने के बाद बीच हवा में इसकी दिशा को बदला जा सकता है. क्योंकि यह फाइबर ऑप्टिक गाइरो बेस्ट इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम पर चलती है. यानी इसमें हम डेटा लिंक के जरिए निर्देश देकर मिड-कोर्स अपडेट कर सकते हैं.