कर्नाटक के मैसूर में 9 अक्टूबर को एक घर में जूते के अंदर जहरीला कोबरा मिला. जैसे ही शख्स जूते पहनने लगा, उसकी नजर कोबरा पर पड़ गई. परिवार वालों ने सांप रेस्क्यू करने वाले को बुलाया. उसे पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया और फिर जंगल ले जाकर छोड़ दिया. अगर जरा-सी भी चूक होती, तो जूते पहनते वक्त शख्स को सांप डंस सकता था.
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बरहटा में एक शख्स की बाइक निकाल रहा था. तभी उसकी नजर स्पीडो मीटर में हुई अजीब सी हलचल पर पड़ी. ध्यान से देखा, तो कांच के अंदर नागिन बैठी थी. इसका वीडियो भी वायरल हुआ है. कुछ लोगों ने काफी मशक्कत के बाद नागिन को सही सलामत स्पीडो मीटर से निकाला और जंगल में छोड़ दिया.
इससे पहले कर्नाटक के ही शिवमोगा में भी शादी वाले घर के अंदर बेडरूम में दो कोबरा देखे गए. रेस्क्यू करने के लिए दो लोगों को बुलाया गया. सांपों को रेस्क्यू भी कर लिया गया. मगर, रेस्क्यू करने वाला एक शख्स तभी एक कोबरा को मजे मजे में किस करने लगा. उसी दौरान कोबरा ने उसके होठों पर डंस लिया. शख्स को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई.
बिहार की राजधानी पटना में भी पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता जीवेश मिश्रा किंग कोबरा के खौफ से परेशान हैं. उनके आवास पर रोजाना जहरीले सांप निकल रहे हैं. नागों के डर के चलते पूर्व मंत्री मिश्रा ने अब अपने आवास परिसर की जगह घर के अंदर का कार्यालय बना लिया है. मगर, फिर भी उन्हें राहत नहीं मिल रही है. किंग कोबरा और जहरीले सांप उनके कमरों तक आ जाते हैं.
कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के जालौन के कुठौंद थाने में जहरीला कोबरा मिलने से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया था. सिपाहियों ने इसकी सूचना प्रभारी निरीक्षक को दी. उन्होंने तुरंत सपेरे को बुलाया. उसने बड़ी मुश्किल से लाठी की मदद से सांप को काबू में किया. इस दौरान कोबरा ने सपेरे को डंसने का प्रयास भी किया. लेकिन सपेरे ने बड़ी होशियारी से सांप को प्लास्टिक बोतल में बंद किया और उसे जंगल में छोड़ दिया.
इससे पहले कर्नाटक में मांड्या के मद्दूर स्थित एक घर के दरवाजे के पास खतरनाक कोबरा बैठा था. जैसे ही महिला अपने बेटे को लेकर दरवाजे से बाहर निकली, उसके बेटे ने गलती से कोबरा पर पांव रख दिया. इससे कोबरा फन फैलाकर वहीं खड़ा हो गया. उसने डंसने के लिए जैसे ही फुंफकार मारी, बच्चे की मां ने सूझबूझ से बच्चे को अपनी तरफ खींच लिया. इससे बच्चे की जान बाल-बाल बच गई.
उत्तर प्रदेश के आगरा में भी बीते दिनों पांच अलग-अलग जगहों से सांपों को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया. पहले मामले में शास्त्रीपुरम में एक दोपहिया वाहन के इंजन से पांच फुट लंबे रैट स्नेक को वाइल्डलाइफ एसओएस (Wildlife SOS) रैपिड रिस्पांस यूनिट ने रेस्क्यू किया. दूसरे मामले में फतेहपुर सीकरी के पास मछली पकड़ने के जाल में फंसे पांच फुट लंबे कोबरा को बचाया गया. तीसरे मामला अछनेरा के सकतपुर का है. यहां घर के टीवी सेट के पीछे से सांप को रेस्क्यू किया गया. इसी तरह किरावली इलाके और कुबेरपुर से भी खतरनाक सांपों को रेस्क्यू किया गया.
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से भी एक मामला सामने आया था, जहां खेत पर काम कर रहे किसान के हाथ में जहरीला सांप लिपट गया. सांप ने किसान के हाथ को पूरी तरह से जकड़ लिया. इसके बाद किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए सांप का फन पकड़ लिया. इसी हालत में खेत से 10 किलोमीटर दूर सर्प मित्र के पास जाकर किसान ने जान बचाई. लोगों ने राजू के हौसले की तारीफ करते हुए कहा कि उसने बड़ी ही सूझबूझ से काम लिया.
करीब 20 सालों से सांप पकड़ रहे सर्प मित्र विनोद तिवाड़ी को कुछ दिन पहले एक कोबरा ने डंस लिया था. इससे, मौके पर उनकी मौत हो गई. विनोद को सांप पकड़ने में महारत हासिल थी. एक साथ पांच-पांच ब्लैक कोबरा जैसे जहरीले सांपों को उन्होंने काबू किया था, लेकिन उनकी जिंदगी एक कोबरा ने ले ली. वह शहर के वार्ड 21 के गोगामेड़ी के पास शनिवार सुबह 7 बजे एक कोबरा को रेस्क्यू कर रहे थे. विनोद उसे पकड़ कर बैग में डाल रहे थे. इसी दौरान सांप ने उनकी उंगली पर डस लिया.