मोहाली में हुआ RPG अटैक यह बताता है कि किसी आतंकी या विद्रोही संगठन ने यह काम किया है. क्योंकि यह हथियार छोटे-मोटे अपराधियों के पास नहीं होता. आमतौर पर इसका उपयोग पुलिस कमांडो फोर्स, एटीएस, मिलिट्री, स्पेशल फोर्सेस या फिर आतंकी करते हैं. आतंकवाद या विद्रोही गुटों से पीड़ित देशों में इसकी कालाबाजारी भी होती है. खैर पहले ये जानना जरूरी है कि इसकी शुरुआत कहां से होती है? (फोटोः रॉयटर्स)
पांजेरफॉस्ट का नया वर्जन है RPG? (RPG is new version of Panzerfaust)
द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी ने एक एंटी-टैंक हथियार बनाया था. जिसका नाम था पांजेरफॉस्ट (Panzerfaust). यह एक बार में एक गोला दागकर टैंक को ध्वस्त कर देता था. यह एक हाई-एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक वॉरहेड था. इसे इकलौता आदमी दाग सकता था. वजन होता था सिर्फ 6.25 किलोग्राम. एक मीटर लंबे इस हथियार का 1942 से 1945 तक करीब 82.54 लाख से ज्यादा यूनिट्स बनाए गए थे. (फोटोः विकिपीडिया)
पांजेरफॉस्ट के चार वर्जन थे. 30, 60, 100 और 150. चारों अलग-अलग रेंज और ताकत के हथियार थे. लेकिन मुख्य मकसद था टैंक और बख्तरबंद वाहनों को दूर से चुपके से हमला करके ध्वस्त कर देना. रूसी इस हथियार को देखकर बहुत खुश हुए और प्रभावित भी. उन्होंने सोचा क्यों न इस हथियार का नया और ज्यादा ताकतवर, सटीक वर्जन बनाया जाए. तब उन्होंने कंधे पर रखकर फायर की जाने वाली मिसाइल या रॉकेट का आइडिया फ्लो किया. जिसके सिर पर हथगोला या विस्फोटक लगा हो. (फोटोः विकिपीडिया)
फिर शुरु हुआ रूस का RPG प्रोग्राम (Russia's RPG Programme)
रूस ने RPG-2 करके नया प्रोग्राम शुरु किया. जिसमें उन्होंने अलग-अलग आकार के वॉरहेड के साथ आरपीजी बनाना शुरु किया. क्योंकि आरपीजी से छूटने वाले ग्रैनेड का आकार बहुत जरूरी था. सबसे पसंदीदा आकार था नुकीले कोने वाला लंबा-गोलाकार वॉरहेड. यह एक तरह का हाई-एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक (HEAT) वॉरहेड होता है. जो टैंक की मोटी धातु की चादर को पिघला देता है, फिर उसके साथ ही तगड़ा विस्फोट करता है. रूस का RPG-2 प्रोग्राम अब तक RPG-30 तक पहुंच गया है. (फोटोः रॉयटर्स)
कितना नुकसान पहुंचा सकता है RPG? (How much damage can a RPG do?)
RPG जब फायर की जाती है, तब उसका गोला 383 फीट प्रति सेकेंड की गति से निकलता है. उसके बाद उसमें लगा रॉकेट उसकी गति और बढ़ा देता है. उसके विंग्स निकल आते हैं. यह जब फटता है तो उसमें से गर्मी की एक तेज लहर निकलती है जो मोटे धातु को भी पिघला देती है. यह टैंक हो या बख्तरबंद वाहन सबको मार गिराती है. इतना ही नहीं यह तीन प्रकार के आते हैं- एंटी-पर्सनल एक्सप्लोसिव यानी सैनिकों के समूह या गाड़ियों पर दागने के लिए. दूसरा एंटी-टैंक एक्सप्लोसिव यानी टैंक उड़ाने वाले आरपीजी और तीसरा बंकर बस्टर यानी यह किसी बंकर को भी उड़ा सकता है. (फोटोः रॉयटर्स)
क्या होती है RPG के फटने की वजह? (What causes an RPG to Explode?)
लॉन्चर में फायरिंग की वजह से बनी गैस और दबाव से ग्रैनेड तेजी से बाहर निकलता है. ग्रैनेड के अंदर पाइरो-रिटार्डिंग गनपाउडर मिक्सर होता है, जो इसे टकराते ही फटने की काबिलियत देता है. यह टकराते ही इतनी तेज ऊर्जा के साथ गर्मी छोड़ता है कि सामने मौजूद वस्तु पिघल जाती है. चाहे वह इंसान हो, टैंक हो या फिर बंकर हो. (फोटोः विकिपीडिया)
क्या RPG टैंक को ध्वस्त कर सकती है? (Can an RPG destroy a tank?)
अगर RPG पूरे टैंक को खत्म नहीं भी कर पाती है, तब भी वह बाहरी यंत्रों को इतना नुकसान पहुंचा देती है कि टैंक को चलाने वालों को दिक्कत आती है. इससे टैंक के काम करने की क्षमता कम हो जाती है. मजूबरी में टैंक को छोड़कर भागना पड़ता है या फिर उसे ध्वस्त कर देना होता है. अगर RPG का गोला ज्यादा ताकतवर होता है तो वह भारी नुकसान भी पहुंचा सकता है. (फोटोः रॉयटर्स)
कितना ताकतवर होता है RPG? (How Powerful is a RPG?)
RPG हर मिनट 4 से 5 राउंड फायर कर सकता है. कम से कम 5 मीटर की दूरी तक. अधिकतम 900 मीटर तक. इसकी गति आरपीजी के अलग-अलग वर्जन के मुताबिक कम ज्यादा हो सकती है. लेकिन आमतौर पर 384 फीट प्रति सेकेंड होती है. (फोटोः रॉयटर्स)
क्या RPG मिसाइल होती है? (Is a RPG a Missile?)
रूसी RPG-7 एक कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल जैसी ही थी. जो पोर्टेबल थी. दोबारा उपयोग कर सकते थे. िसे गाइड नहीं किया जा सकता था. यह एंटी-टैंक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रैनड थी. आरपीजी-7 की 1958 से अब तक 90 लाख से ज्यादा यूनिट्स बनाए जा चुके हैं. (फोटोः रॉयटर्स)