चमोली के सीमांत भारत-चीन सीमा से सटी हुई नीती घाटी में इस समय जबरदस्त ठंड का प्रकोप देखने को मिल रहा है. रात में तापमान माइनस 5 डिग्री से नीचे पहुंचने लगा है और कड़ाके की ठंड से पानी जम चुका है. झरने, नदी, नाले सब जम चुके हैं, जहां भी नजर घुमाओ तो वहां सिर्फ जमा हुआ पानी ही नजर आ रहा है.
भारत-चीन सीमा से सटे इलाकों में लोग कड़ाके की ठंड से परेशान हैं. हालांकि, अभी वहां बर्फबारी नहीं हो रही है. लेकिन उसके बाद भी पहाड़ों में जबरदस्त ठंड पड़ रही है.
वहीं, इस क्षेत्र में भोलेनाथ की गुफा पूरी तरफ बर्फ से ढक चुकी है और अब यहां भोलेनाथ का बर्फानी अवतार देखने को मिल रहा है. दूर से देखने पर गुफा ऐसी दिखाई दे रही है मानो भोलेनाथ ने पूरी गुफा में अपनी बर्फीली जटाएं फैला दी हैं. अब शिव खुद बर्फ के अवतार में विराजमान हो चुके हैं.
नीती गांव में गुफा में विराजमान टिम्बर सैण महादेव भोलेनाथ को लोग छोटा अमरनाथ, नीती महादेव और शिशु महादेव भी कहते हैं, जहां गर्मियों समेत 7 महीने भोलेनाथ के शिवलिंग के दर्शन होते हैं. वहीं, शीतकाल में यहां भोलेनाथ के बर्फानी दर्शन होते हैं.
इस जगह का नजारा ऐसा है कि पूरी गुफा में भोलेनाथ की 20 फीट से ज्यादा ऊंची बर्फ की जटाएं और गुफा में भोलेनाथ साक्षात् बर्फानी रूप में दर्शन दे रहे हैं. ये दृश्य देखने में काफी मनोरम लग रहा है.
इस समय बढ़ती ठंड के कारण भोलेनाथ की गुफा बर्फीली जटाओं के घेरे में है और भोलेनाथ खुद बर्फानी अवतार में दिखाई दे रहे हैं. ये नजारा हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है क्योंकि गुफा के मुख्यद्वार पर ही 20 फीट से ऊंची-ऊंची बर्फीली जटाएं दिखाई दे रही है.
भोलेनाथ का बर्फानी अवतार लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है, वहीं, मुख्य द्वार से ऊपर जाते ही यहां मुख्य गुफा में विराजमान भोलेनाथ बर्फीले अवतार में अपने आप को घेरे हुए हैं. इस समय पहाड़ों में बर्फबारी नहीं हो रही है, लेकिन बढ़ती ठंड के चलते गुफा को देख ऐसा लग नहीं रहा कि यहां बर्फबारी नहीं हुई है. वहीं, दूसरी तरफ देशभर से श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं.