पंजाब में कृषि कानून के खिलाफ किसान सड़क पर उतरे हुए हैं. किसान और मजदूर संगठनों ने जगह-जगह सड़कों और हाईवे को जाम कर दिया. पंजाब के रोपड़ में किसानों ने लुधियाना-चंडीगढ़ और मनाली-रोपड़ नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप कर दिया.
किसान सड़कों के बीचो-बीच दरियां बिछाकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन पर उतरे. पंजाब के अलावा हरियाणा के जिलों में भी किसानों के भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है.
बता दें कि पंजाब में किसान पिछले कई दिनों से केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों के धरने-प्रदर्शन और रेलवे ट्रैक्स के बाधित होने की वजह से पंजाब में मालगाड़ियों की आवाजाही कई दिनों से ठप है.
इस बीच पंजाब में प्रदर्शनकारियों की ओर से रेलवे की संपत्तियों और स्टाफ को नुकसान पहुंचने की आशंका की वजह से रेल मंत्रालय ने राज्य में 7 नवंबर तक सभी तरह की रेलगाड़ियों की आवाजाही को बंद कर दिया है.
मालगाड़ियों के नहीं चलने की वजह से पंजाब की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है. एक अनुमान के मुताबिक प्रदर्शन की अवधि में अकेले पंजाब सरकार को ही 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है.
साथ ही राज्य की औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल ना पहुंचने और तैयार माल उनके निर्धारित स्थानों तक नहीं पहुंचने से प्राइवेट सेक्टर को भी करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है.