देश आज आजादी का 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. मोदी 3.0 में प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने आज पहली बार और अपने पूरे कार्यकाल में 11वीं बार लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराया. समारोह में करीब 6000 स्पेशल गेस्ट को आमंत्रित किया गया था.
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में मंत्रियों और नेताओं के अलावा खासतौर पर अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहलुओं से जुड़े लोग, मेरा युवा भारत के वॉलंटियर्स, आदिवासी समुदाय के लोग और किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
आगे की लाइन में बैठे लोगों में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, शिवराज सिंह चौहान, अमित शाह और एस जयशंकर शामिल रहे.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एलजेपी के चिराग पासवान, जेडीयू के ललन सिंह सहित एनडीए सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे.
इस साल के स्वतंत्रता दिवस की थीम 'विकसित भारत@2047' है. समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल रहे, जिन्हें युवा, आदिवासी समुदाय, किसान, महिलाएं और अन्य विशेष अतिथि भी आए, जिन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की मदद से विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है.
इस कार्यक्रम में अटल इनोवेशन मिशन और पीएम एसएचआरआई (प्राइम मिनिस्टर्स स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना से लाभान्वित छात्र और 'मेरी माटी मेरा देश' के तहत मेरा युवा भारत (एमवाई भारत) और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने भाग लिया.
आमंत्रित अतिथियों में आदिवासी कारीगर, 'वन धन विकास' के सदस्य और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा वित्त पोषित आदिवासी उद्यमी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभार्थी और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे.
मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा), सहायक नर्स दाइयां (एएनएम) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता; निर्वाचित महिला प्रतिनिधि; संकल्प के लाभार्थी: महिला सशक्तिकरण केंद्र, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी पहल और सखी केंद्र योजना एवं बाल कल्याण समितियों और जिला बाल संरक्षण इकाइयों के कार्यकर्ता भी समारोह के गवाह बने.
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के प्रत्येक ब्लॉक से एक अतिथि, सीमा सड़क संगठन के कार्यकर्ता, प्रेरणा स्कूल कार्यक्रम के छात्र और प्राथमिकता क्षेत्र की योजनाओं में संतृप्ति हासिल करने वाली पंचायतों के सरपंच भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मौजूद रहे.इस सभा में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 2,000 लोग शामिल थे, जिन्होंने अपनी पारंपरिक पोशाक पहनकर भव्य समारोह में भाग लिया.
इसके अलावा, MyGov और आकाशवाणी के सहयोग से रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित विभिन्न ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के 3,000 विजेता भी समारोह का हिस्सा थे.देश भर के विभिन्न स्कूलों से एनसीसी के कुल 2,000 लड़के और लड़की कैडेटों (सेना, नौसेना और वायु सेना विंग से) ने समारोह में भाग लिया. ये कैडेट प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर बैठे थे. उन्होंने 'मेरा भारत' लोगो वाली पतंगें बनाईं. कुल 500 राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया.