देश की संसद तक पहुंचने का एक रास्ता अब तक 'राजपथ' और 'विजय चौक' से होकर गुजरता था, लेकिन अब 'राजपथ' का नाम 'कर्तव्यपथ' हो चुका है. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत इंडिया गेट अब नए रंग-रूप में तैयार है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक जाने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क के 'कर्तव्यपथ' बनने के साक्षी बने हैं. साथ ही उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी कर दिया है.(Photo : PTI)
सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण
इंडिया गेट पर अब सबसे बड़ा आकर्षण पीछे की छतरी के नीचे लगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा है. ग्रेनाइट पत्थर से बनी ये मूर्ति देश के सबसे बड़े मोनोलिथ (यानी एक ही पत्थर को तराश कर बनाई गई प्रतिमा) में से एक है. (Photo : ANI)
कभी जॉर्ज पंचम की मूर्ति लगी थी
जिस छतरी के नीचे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगने जा रही है, वहां कभी ब्रिटेन के महाराजा किंग जॉर्ज पंचम की एक मार्बल की मूर्ति हुआ करती थी. 1939 में लगाई इस प्रतिमा को आजादी के बाद वहां से हटा दिया गया. (Photo : PTI)
हर तरफ बस हरियाली ही हरियाली
इस पूरे क्षेत्र में करीब 3.90 लाख वर्ग मीटर हरियाली भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी. पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास बनाए गए हैं. वहीं फूड स्टॉल के साथ दोनों ओर बैठने के भी इंतजाम किए गए हैं. (Photo : All India Radio)
रात में जगमग होगा इंडिया गेट
इंडिया गेट के पास के पूरे इलाके को शाम में जगमगाने के लिए आधुनिक लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है. शुक्रवार से आम लोग इसे देख सकेंगे.
बदल गया नहर का लुक
इंडिया गेट पर बनी कैनाल का लुक बदल चुका है. करीब 19 एकड़ में एरिया में बनी इस नहर पर 16 पुल बनाए गए हैं. कृषि भवन और वाणिज्य भवन के पास वोटिंग की जा सकेगी. (Photo : ANI)
लाल रंग का नया फुटपाथ और वॉकवे
लोगों के टहलने के लिए 15.5 किमी का लंबा रास्ता तैयार किया गया है. इसमें रेड ग्रेनाइट लगाया गया है. पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं. कर्तव्य पथ पर बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं देखने को मिलेंगी. (Photo : ANI)