Security to Women Passengers By Railway: महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railways) समय-समय पर कदम उठाता रहता है. इसी कड़ी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने कहा है कि रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय शुरू कर दिए हैं.
मंत्रालय के अनुसार, लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर क्लास में छह बर्थ आरक्षित होंगी और गरीब रथ/राजधानी/दुरंतो पूरी तरह से वातानुकूलित के थर्ड-टीयर एसी (थर्ड एसी) डिब्बों में छह बर्थ का आरक्षण कोटा होगा. इन्हें महिला यात्रियों के लिए आवंटित किया गया है, चाहे उनकी उम्र कुछ भी हो, फिर चाहे वे अकेली या फिर ग्रुप में यात्रा कर रही हों.
इसके अलावा, स्लीपर क्लास में छह से सात लोअर बर्थ, थर्ड एसी में चार से पांच लोअर बर्थ और सेकंड एसी कोच में प्रति कोच तीन से चार लोअर बर्थ का संयुक्त आरक्षण कोटा वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित की गई हैं.
वहीं, महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा उपायों के संदर्भ में रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों की बेहतर सुरक्षा और सुरक्षा प्रदान करने के लिए जीआरपी/जिला पुलिस के प्रयासों को पूरा करेगा. हालांकि, पुलिस और लोक व्यवस्था भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य के विषय हैं, रेलवे द्वारा ट्रेनों और स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए जीआरपी के समन्वय से अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं.
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 17 अक्टूबर, 2020 को पहल 'मेरी सहेली' भी शुरू की, जिसका उद्देश्य ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को बोर्डिंग से लेकर डी-बोर्डिंग तक की पूरी यात्रा के लिए सुरक्षा प्रदान करना है. इस पहल का फोकस महिला यात्रियों, खासकर अकेले यात्रा करने वालों को सुरक्षा प्रदान करना है. आरपीएफ पहल के लिए महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों को भी ट्रेनिंग दे रहा है.
मंत्री ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों के आरपीएफ और जीआरपीएफ (सरकारी रेलवे पुलिस बल) द्वारा प्रतिदिन संवेदनशील और चिन्हित मार्गों / खंडों पर ट्रेनों को एस्कॉर्ट किया जा रहा है. संकट में फंसे यात्रियों की सुरक्षा संबंधी सहायता के लिए रेलवे हेल्प लाइन नंबर 139 भारतीय रेलवे के पूरे नेटवर्क पर चौबीसों घंटे चालू है. उन्होंने कहा कि अगर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे ट्विटर, फेसबुक आदि के माध्यम से यात्रियों की चिंताओं को उठाया जाता है तो मंत्रालय भी उनका समाधान करता है.
मंत्री के मुताबिक महिला स्पेशल ट्रेनों में आरपीएफ की महिला जवान एस्कॉर्ट कर रही हैं. ट्रेन के एस्कॉर्टिंग दलों को अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों, रास्ते में महिला डिब्बों और हॉल्टिंग स्टेशनों पर अतिरिक्त निगरानी रखने के लिए कहा गया है. इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 4,934 कोचों और 838 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.