प्रगति मैदान में स्थित इंटरनेशनल ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो गया है. ITPO कॉम्प्लेक्स करीब 123 एकड़ में फैला है. हाल में कन्वेंशन सेंटर को रीडेवलप करके वर्ल्ड क्लास बनाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 26 जुलाई को इस परिसर का उद्घाटन करेंगे. यहां सितंबर में G20 नेताओं की बैठक होगी.
अब तक दिल्ली का विज्ञान भवन में ही बड़ी बैठकें होती थीं. इसे 1956 में बनाया गया था और यह अगले दो दशकों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने वाले भारत के भविष्य की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता है. इसके बाद सरकार ने आईटीपीओ कन्वेंशन सेंटर बनाने का फैसला किया.
जी-20 शिखर सम्मेलन के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक इसी नए कन्वेंशन सेंटर में होगी. पुनर्विकसित और आधुनिक IECC कॉम्प्लेक्स दुनिया की टॉप 10 प्रदर्शनी और कन्वेंशन कॉम्प्लेक्स की लिस्ट में शामिल हो गया है. ये कॉम्प्लेक्स जर्मनी के हनोवर एग्जीबिशन सेंटर और शंघाई के नेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (NECC) को टक्कर दे रहा है.
प्रगति मैदान कन्वेंशन सेंटर को डिजाइन करते समय साउथ कोरिया, अमेरिका, जर्मनी और चीन समेत उन देशों की स्टडी की गई, जहां इस तरह की सुविधाएं हैं. यह मीटिंग, कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनियों के लिए भारत का सबसे बड़ा स्थान है.
IECC का बुनियादी स्ट्रक्चर बड़े पैमाने पर विश्व स्तरीय आयोजनों की मेजबानी करने की भारत की क्षमता का प्रमाण है. कन्वेंशन सेंटर के लेवल-3 में 7,000 लोगों के बैठने की क्षमता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के सिडनी ओपेरा हाउस की करीब 5,500 लोगों के ही बैठने की क्षमता है.
IECC को वैश्विक स्तर पर मेगा सम्मेलनों, अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों और सांस्कृतिक समारोहों की मेजबानी के लिए भी उपयुक्त जगह माना जा रहा है. इसमें 3,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक शानदार एम्फीथिएटर भी है, जो 3 पीवीआर थियटर्स के बराबर है.
IECC में आगंतुकों की सुविधा का भी ख्याल रखा गया है. 5,500 से ज्यादा वाहन पार्किंग की जगह है. सिग्नल मुक्त सड़कें हैं. बिना किसी परेशानी के लोग कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकते हैं.