केरल के वायनाड में भारी बारिश के बीच भीषण त्रासदी हुई है. देर रात हुई लैंडस्लाइड में अब तक 54 से लोगों की मौत हो चुकी है और हर गुजरते घंटे के साथ लगातार बढ़ती जा रही है. 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है. फिलहाल वायनाड में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. जोरदार बारिश के बाद हुए भूस्खलन में वायनाड के मेपाड्डी, मुंडक्कल और चूरलमाला इलाके के कई मकान मलबें में दब गए हैं. हालात इतने मुश्किल भरे हैं कि राहत बचाव के लिए सेना के जवानों की तैनाती करनी पड़ी है. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सेना के साथ-साथ नेवी को भी उतार दिया गया है.
तस्वीरों में आप तबाही का मंजर का साफतौर पर देख सकते हैं. वायनाड में हुई इस भीषण त्रासदी पर राहत बचाव का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. केंद्र सरकार की तरफ से खुद हालात पर नजर रखी जा रही है. सेना से लेकर वायुसेना तक रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं.
तस्वीर में आप देख सकते हैं कि लाशों को कैसे निकाला जा रहा है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर तमाम कांग्रेस और लेफ्ट के नेताओं ने त्रासदी पर गहरी संवेदना जाहिर की है. पीएम मोदी ने वायनाड में भूस्खलन के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. इसके अलावा घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है.
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने भी कहा कि वायनाड में राहत बचाव का काम तेजी से चल रहा है और सभी एजेंसियां मिलकर रेस्क्यू में जुटी हुई हैं. तो दूसरी ओर केंद्र सरकार ने दावा किया है कि पीएम मोदी खुद सुबह से वायनाड के हालत पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं वायनाड के बीजेपी उम्मीदवार रह चुके केरल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन फौरन घटनास्थल की ओर रवाना भी हो गए.
हादसे की भयावहता को देखते हुए सेना से रेस्क्यू ऑपरेशन का अनुरोध किया गया था, जिसके बाद सेना ने 4 टुकड़ियां जुटाई गई हैं. इनमें 122 इन्फैंट्री बटालियन की दो टुकड़ियां और कन्नूर के DSC सेंटर की 2 टुकड़ियां शामिल हैं. बचाव अभियान के लिए अब तक तैनात सेना की कुल संख्या लगभग 225 है, जिसमें चिकित्साकर्मी भी शामिल हैं.
मृतकों और घायलों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं. इलाके के सीएमओ के मुताबिक भारी बारिश के बाद वायनाड में भूस्खलन हुआ है. यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक कंट्रोल रूम स्थापित कर लिया है. आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9656938689 और 8086010833 भी जारी किए गए हैं. वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर Mi-17 और एक ALH सुबह 7.30 बजे तमिलनाडु के सुलूर से रवाना किए जाएंगे.
वायनाड चूरलमाला में बचाव अभियान में अग्निशमन एवं बचाव, नागरिक सुरक्षा, एनडीआरएफ और स्थानीय आपातकालीन प्रतिक्रिया दल के 250 सदस्य शामिल हैं. एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम को तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है. वहीं राज्य सरकार ने 5 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी हुआ है, उनमें कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड और मल्लपुरम शामिल है.
लैंडस्लाइड के बाद सीएमओ की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि भूस्खलन को देखते हुए थामरसेरी दर्रे से होकर जरूरी वाहनों के अलावा दूसरे वाहनों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. दर्रे से होकर जाने वाले रासते को प्रशस्त करने के लिए सभी को तत्पर रहने को कहा गया है. ताकी दर्रे में ट्रैफिक जाम न हो और बचाव सामग्री मुंदकई तक पहुंचाई जा सके.