कोविड-19 को देखते हुए नेपाल सरकार ने 24 मार्च से ही अपनी सभी सीमाएं आम लोगों के आने-जाने के लिए बंद कर दी थीं. शुक्रवार से नेपाल के 77 जिलों की मुख्य 30 सीमाओं को आम लोगों के लिए कड़ी शर्त के साथ खोलने का आदेश जारी किया गया है. (बीरगंज, नेपाल से गणेश शंकर की रिपोर्ट)
नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय (शांति, सुरक्षा तथा अपराध नियंत्रण शाखा) के प्रमुख दीपक पौडेल ने एक लेटर जारी करते हुए जानकारी दी कि नेपाल की 30 सीमाएं, जो भारत से सटी हैं, उसे केवल भारतीय नागरिक एवं चीन से सटी सीमाओं को चीनी नागरिकों के लिए खोला गया है.
लोगों को प्रवेश के लिए नेपाल सरकार के केंद्रीय कोविड नियंत्रण उच्च समिति (CCMC ) के द्वारा जारी फार्म को भर कर देना होगा, जिसमें 72 घंटे पहले की कोविड जांच रिपोर्ट देनी होगी, तभी उसको नेपाल आने का ऑनलाइन पास दिया जाएगा.
इन तीस सीमाओं से केवल सड़क मार्ग से ही लोग आ-जा सकेंगे. भारत और चीन को छोड़ कर अन्य देश के नागरिकों को हवाई सेवा से आना जाना संभव हो सकेगा.
इन 30 सीमाओं को नेपाल ने खोला है जिनके नाम हैं- पशुपतिनगर (इलाम), कांकडभिट्टा (झापा), रानी (मोरङ), माडर (सिरहा), गौर (रौतहट), बीरगंज (पर्सा), रसुवागढी (रसुवा), कृष्णनगर (कपिलवस्तु), बेलहिया (रुपन्देही), जमुनाह (बांके), गौरीफन्टा (कैलाली), गड्डाचौकी (कञ्चनपुर), खलंगा/पुलाघाट (दार्चुला), झूलाघाट (बैतडी), खजूरगाछी (झापा), भन्टाबारी (सुनसरी), कुनौली (सप्तरी), जटही (धनुषा), इनर्वा (धनुषा), भिट्टामोड (महोत्तरी), मलंगवा (सर्लाही), बंकुल (रौतहट), मटिअर्वा (बारा), सिम्रौनगढ (बारा), त्रिवेणी (पूर्वी नवलपरासी), महेशपुर (पश्चिम नवलपरासी), तौलिहवा (कपिलवस्तु), कोइलाबास (दाङ), सुरजपुर (बर्दिया), तातोपानी (सिन्धुपाल्चोक).