नया संसद भवन कुल 64,500 वर्ग मीटर एरिया में बन रहा है. यह इमारत 4 मंजिला है. नए संसद भवन को बनाने में कुल 971 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. नए संसद भवन में जाने के 6 रास्ते बनाए गए हैं. एक एंट्रेंस पीएम और प्रेसिडेंट के लिए है. एक लोकसभा के स्पीकर, एक राज्य सभा के चेयरमैन, सांसदों के प्रवेश के लिए एंट्रेंस-1 और पब्लिक के लि एंट्रेंस-2 है.
नए संसद भवन में कुल 120 ऑफिस होंगे, जिसमें कमिटी रूम, मिनिस्ट्री आफ पार्लियामेंट्री अफेयर्स के आफिस, लोक सभा सेक्रेट्रिएट, राज्य सभा सेक्रेट्रिएट, पीएम आफिस आदि होंगे. इसमें सेंट्रल हाल नहीं होगा. यह प्लेटिनम रेटेड ग्रीन बिल्डिंग है.
लोकसभा चैंबर 3015 वर्ग मीटर एरिया में बना होगा. इसमें 543 सीट की जगह 888 सीट होगी. यह राष्ट्रीय पक्षी मयूर थीम पर बनाया गया है. इसके अलावा संयुक्त अधिवेशन के दौरान लोकसभा चैंबर में 1274 सांसद एकसाथ बैठ सकेंगे. राज्य सभा कुल 3,220 वर्ग मीटर एरिया में बनेगा. इसमें 245 की जगह 384 सीट होगी. यह राष्ट्रीय फूल लोटस थीम पर बनाया गया है.
नई संसद में लगी सागौन की लकड़ी नागपुर मंगाई गई, राजस्थान के सरमथुरा का सैंडस्टोन (लाल और सफेद) का इस्तेमला किया गया है, यूपी के मिर्जापुर की कालीन इसके फ्लोर पर लगाई गई है. अगरतला की बांस की लकड़ी इसके फर्श पर लगाई गई है. अशोक प्रतीक को महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जयपुर से मंगवाए गए. संसद में लगा अशोक चक्र इंदौर से लाया गया है.
संसद में भारत के आधुनिक बनने तक के सफर की झलक देखने को मिलेगी. इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों मंगाई गई मूर्तियां और आर्ट वर्क बनाए गए हैं. देश में पूजे जाने वाले जानवरों की झलकियां भी इसमें दिखाई देगी, जिनमें गरुड़, गज, अश्व और मगर शामिल हैं. इसके अलावा भवन में तीन द्वार बनाए गए हैं, जिन्हें ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार नाम दिया गया है.
नए भवन के ऑफिसों में पेपरलेस काम होगा. इसमें सांसदों के लिए लाइब्रेरी, लॉन्ज, डाइनिंग एरिया बनाया गया है. इसकी पार्किंग भी आधुनिक तकनीकी पर आधारित है. ईको फ्रेंडली, ग्रीन कंस्ट्रक्शन से बिजली की खपत 30% तक घटेगी.
नई बिल्डिंग में एक बड़ा कॉस्टीट्यूशन हॉल है, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत की झलक दिखाई देगी. यह नया भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनाया गया है. इसे वर्तमान संसद भवन के नजदीक बनाया गया. भवन में फर्नीचर्स पर स्मार्ट डिस्प्ले है.