scorecardresearch
 
Advertisement
न्यूज़

सिर अंदर, पैर बाहर... तोड़ दी ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की, महाकुंभ पहुंचने के लिए स्टेशन पर ऐसी भीड़!

ट्रेन में उमड़ी भीड़
  • 1/9

12 फरवरी को माघ पूर्णिमा है, इस मौके पर महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए देश के कोने-कोन से लोग पहुंचेंगे. जिस वजह से महाकुंभ तक जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. सड़क रास्ते से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचने वाले हैं.
 

ट्रेनों में भारी भीड़
  • 2/9

दरअसल, सबसे ज्यादा श्रद्धालु ट्रेनों से महाकुंभ पहुंच रहे हैं. जिससे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का तांता लगा है. बिहार के समस्तीपुर रेलवे स्टेशन की स्थिति भी कुछ ऐसा ही है. जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है, लोग हर हाल में महाकुंभ पहुंचना चाहते हैं. 

जान जोखिम में डालते यात्री
  • 3/9

यात्रियों की भीड़ ने जयनगर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल (LTT) जा रही पवन एक्सप्रेस ट्रेन के गेट का शीशा तक तोड़ दिया. स्लीपर क्लास में यात्री ट्रेन की आपातकालीन खिड़की से जान जोखिम में डालकर प्रवेश करते देखे गए.

Advertisement
ट्रेन में चढ़ने की होड़
  • 4/9

भारी भीड़ होने की वजह से कई यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके. वहीं गेट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते कुछ लोग खिड़की के रास्ते से ही ट्रेन के अंदर घुसने लगे, जिससे अफरा-तफरी मच गई. 

 पवन एक्सप्रेस ट्रेन
  • 5/9

बता दें, मौनी अमावस्या के बाद जयनगर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक जाने वाली पवन एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. 
 

बेकाबू भीड़
  • 6/9

समस्तीपुर स्टेशन पर यात्री किसी भी किस तरह से ट्रेन में दाखिल होने के लिए आपातकालीन खिड़की के शीशे तक तोड़ दिए. 

प्रयागराज पहुंचने वाली ट्रेनों का बुरा हाल
  • 7/9

दरअसल, जैसे ही ट्रेन समस्तीपुर स्टेशन पर रुकी. श्रद्धालु एसी स्लीपर और जनरल कोच में घुसने लगे, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली. 

ये है ट्रेन का हाल
  • 8/9

इसी तरह जब स्लीपर कोच में आरक्षित टिकट वाले यात्री नहीं चढ़ पा रहे थे, तभी महिलाएं समेत तमाम यात्री ट्रेन की आपातकालीन खिड़की के रास्ते अंदर दाखिल होते कैमरे में कैद हो गए. 

देखिए अब इसे क्या कहेंगे?
  • 9/9

इस कड़ी में आप देख सकते हैं कि एक यात्री खिड़की पर अजीब तरीके से लटके नजर आए. इस तरह से सफर करना जोखिम भरा हो सकता है. लेकिन हर कोई ट्रेन में सवार होने के लिए बेताब हैं, फिर कौन इन्हें रोके?

Advertisement
Advertisement
Advertisement