ताकतवर सेनाएं युद्ध के लिए नहीं होती, बल्कि शांति बरकरार करने के लिए होती हैं. भारत की नौसेना (Indian Navy) भी शांति बनाए रखने में भरोसा रखती है. लेकिन हमारे पड़ोसी मुल्क को बेवजह ही परेशानी खड़ी करने की आदत है. चीन (China) की मदद से पाकिस्तान (Pakistan) गाजी पनडुब्बी बना रहा है. वो कितनी भी मदद कहीं से भी ले ले लेकिन दुनिया की दस ताकतवर नौसेना में शामिल नहीं हो पाएगा. अभी जो ताकतवर हैं...जानिए उनके बारे में... (फोटोः एपी)
अमेरिकी नौसेना (United States Navy)
27 मार्च 1794 में बनी अमेरिकी नौसेना दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना मानी जाती है. वर्जिनिया के अर्लिंग्टन काउंटी में मौजूद पेंटागन में इसका मुख्यालय है. अमेरिकी नौसेना अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, फारस की खाड़ी, भूमध्यसागर और हॉर्न ऑफ अफ्रीका में मुख्यतः काम करती है. लेकिन जरूरत पड़ने पर दुनिया के किसी भी कोने तक जा सकती है. इसके पास 3.47 लाख से ज्यादा सक्रिय जवान हैं. 1.01 रिजर्व सैनिक हैं. 2.79 लाख सिविलियन कर्मचारी हैं. इसके पास 480 जंगी जहाज हैं. 50 हजार गैर-युद्धक वाहन हैं. 290 युद्धक पोत हैं. 3900 से ज्यादा मैन्ड एयरक्राफ्ट हैं. इसमें 11 एयरक्राफ्ट करियर हैं. 68 सबमरीन हैं. 10 हेलिकॉप्टर करियर हैं. 13 पेट्रोल वेसल हैं. (फोटोः यूएस नेवी पीआरओ)
चीन की नौसेना (Chinese Navy)
23 अप्रैल 1949 में बनाई गई पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) दुनिया की दूसरी सबसे ताकतवर नौसेना है. इसके पास 3 लाख स् जायाद सक्रिय स्टाफ है. 594 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं. 537 से ज्यादा जहाज, 19 रीप्लेनिशमेंट शिप, 79 सबमरीन, 36 माइन काउंटर मेजर बोट, 17 गन बोट्स, 94 सबमरीन चेसर्स, 109 मिसाइल बोट्स, 72 कॉर्वेट्स, 49 फ्रिगेट्स, 50 डेस्ट्रॉयर, 22 लैंडिंग शिप मीडियम, 32 लैंडिंग शिप टैंक्स समेत कई और जहाज आदि. इसके पास दो एयरक्राफ्ट करियर हैं. इसके तीन फ्लीट हैं- द नॉर्थ सी फ्लीट, ईस्ट सी फ्लीट और साउथ सी फ्लीट. (फोटोः रॉयटर्स)
रूस की नौसेना (Russian Navy)
1696 से रूस की नौसेना मौजूद है. दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर नौसेना मानी जाती है. मुख्यालय सेंट पीटर्सबर्ग में है. मुख्य काम है सीलिफ्ट, सी डिनायल, नेवल वॉरफेयर, मरीन सिक्योरिटी. रूस की नौसेना में 1.50 से 1.60 लाख जवान हैं. 359 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं. 1 एयरक्राफ्ट करियर है. 42 पेट्रोल बोट्स हैं. 3 पेट्रोल शिप्स हैं. 15 स्पेशल पर्पज शिप हैं. 32 लैंडिंग क्राफ्ट, 28 लैंडिंग शिप टैंक्स, 92 कॉर्वेट्स, 26 फ्रिगेट्स, 16 डेस्ट्रॉयर्स, 3 क्रूजर्स और 3 बैटल क्रूजर्स शामिल हैं. यूक्रेन (Ukraine) पर हमला करने के दौरान हाल ही में रूस के एक युद्धपोत यूक्रेन की मिसाइल ने डुबो दिया. (फोटोः रॉयटर्स)
रॉयल नेवी, इंग्लैंड (Royal Navy, UK)
1546 में स्थापित यूनाइटेड किंगडम की नौसेना दुनिया की सबसे पुरानी नौसेनाओं में से जानी जाती है. इस सेना के पास 80 कमीशंड शिप्स, 174 एयरक्राफ्ट, 1 आइस पेट्रोल शिप, 4 सर्वे शिप, 18 फास्ट पेट्रोल बोट, 12 माइन काउंटरमेजर्स वेसल, 8 ऑफशोर पेट्रोल वेसल, 13 फ्रिगेट्स, 6 डेस्ट्रॉयर्स, 2 एंफीबियस ट्रांसपोर्ट डॉक्स, 11 सबमरीन, 2 एयरक्राफ्ट करियर और 1 जंगी जहाज है. मुख्य काम है समुद्र में सुरक्षा प्रदान करना. संघर्ष टालना. अंतरराष्ट्रीय समझौते. (फोटोः विकिपीडिया)
जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (JMSDF)
1 जुलाई 1954 में स्थापित जापानी नौसेना को जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (JMSDF) कहते हैं. इसके पास 50 हजार से ज्यादा जवान हैं. 346 एयरक्राफ्ट हैं. 150 से ज्यादा जहाज हैं. 8 ट्रेनिंग शिप, 6 पेट्रोल बोट, 30 माइन स्वीपर्स, 3 लैंडिंग शिप्स, 6 डेस्ट्रॉयटर एस्कॉर्ट, 10 फ्रिगेट, 26 डेस्ट्रॉयर्स, 4 हेलिकॉप्टर करियर और 19 सबमरीन हैं. जापान की नौसेना का मुख्य मकसद है अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा करना. (फोटोः रॉयटर्स)
फ्रांसीसी नौसेना (French Navy)
1624 में बनी फ्रांस की नौसेना के छह हिस्से हैं. ये हैं- मैरीटाइम गेंडामेरी, मार्सील नेवल फायर बटालियन, नेवी राइफलमैन, फ्रेंच नेवल एविएशन, सबमरीन फोर्सेस और नेवल एक्शन फोर्स. यह दुनिया की सबसे पुरानी नौसेनाओं में से एक है और अब भी सक्रिय है. फ्रेंच कोलोनियल एंपायर के बाद 400 साल तक इसकी नौसेनाओं ने कई देशों पर राज किया था. फिलहाल इसके पास 44 हजार जवान हैं. 7000 सिविलियन और 37 हजार मिलिट्री का स्टाफ है. इनके पास 200 एयरक्राफ्ट्स, 180 से ज्यादा जंगी जहाज और 6 कमांडो यूनिट्स हैं. (फोटोः रॉयटर्स)
भारतीय नौसेना (Indian Navy)
1612 में स्थापित भारतीय नौसेना के प्रमुख देश के राष्ट्रपति हैं. ये सेना परमाणु युद्ध रोकने, सीलिफ्ट, फोर्स प्रोजेक्शन और नेवल वॉरफेयर के लिए बनाई गई है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, केरल, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और गुजरात के सेंटर एम्यूनिशन सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस सपोर्स, मार्कोस बेस, एयर स्टेशन, फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस, सबमरीन और मिसाइल बोट बेस आदि पर काम करते हैं. भारतीय नौसेना के पास 75 हजार रिजर्व, 67,252 सक्रिय जवान हैं. 300 एयरक्राफ्ट है, 150 जहाज और सबमरीन हैं. 4 फ्लीट टैंकर्स हैं. 1 माइन काउंटरमेजर वेसल हैं. 24 कॉर्वेट्स हैं. 15 अटैक सबमरीन हैं. 1 बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन हैं. 1 न्यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन है. 14 फ्रिगेट्स, 10 डेस्ट्रॉयर्स, 8 लैंडिंग शिप टैंक्स, 1 एंफिबियस ट्रांसपोर्ट डॉक, दो एयरक्राफ्ट करियर हैं. कई छोटे पेट्रोल बोट्स हैं. (फोटोः पीटीआई)
रिपब्लिक ऑफ कोरिया नेवी (Republic of Korea Navy)
11 नवंबर 1945 में बनी रिपब्लिक ऑफ कोरिया नेवी को साउथ कोरिया की नौसेना भी कहते हैं. इसके पास 70 हजार जवान है. 70 एयरक्राफ्ट हैं. 150 शिप्स हैं. 20 ऑक्सीलरी शिप, 11 माइन वॉरफेयर शिप, 14 एंफिबियस वॉरफेयर शिप्स, 64 पेट्रोल वेसल, 11 कॉर्वेट्स, 12 फ्रिगेट्स, 12 डेस्ट्रॉयर्स और 18 सबमरीन हैं. (फोटोः विकिपीडिया)
इटैलियन नौसेना (Italian Navy)
इटली की नौसेना 1861 में रेगिया मरीना और 1946 में मरीना मिलिटरे के रूप में स्थापित की गई. मुख्य काम नेवल वॉरफेयर हैं. इसके सात हिस्से हैं. इसके पास करीब 31 हजार जवान हैं. 70 एयरक्राफ्ट है. 184 वेसल हैं. 8 अटैक सबमरीन हैं. 13 फ्रिगेट हैं. 4 डेस्ट्रॉयर्स, 3 एंफिबियस असॉल्ट शिप, 2 लाइट एयरक्राफ्ट करियर, 4 कोस्टल पेट्रोल बोट्स, 10 माइस काउंटरमेजर्स वेसल्स, 10 ऑफशोर पेट्रेल वेसल शामिल हैं. (फोटोः रॉयटर्स)
ताइवानी नौसेना (Taiwanese Navy)
ताइवान की नौसेना को पहले रिपब्लिक ऑफ चाइना नेवी का हिस्सा माना जाता है. ये बात है 1924 की. लेकिन अब यह पूरी तरह से अलग है. ताइवान की नौसेना में 38 हजार जवान, 28 एयरक्राफ्ट, 117 शिप, 9 माइनस्वीपर, 10 लैंडिंग शिप, 12 पेट्रोल शिप, 1 कॉर्वेट, 4 सबमरीन, 31 मिसाइल बोट, 20 फ्रिगेट, 4 डेस्ट्रॉयर्स और 10 ऑक्सीलरीज हैं. (फोटोः रॉयटर्स)