हरियाणा के फरीदाबाद में रविवार को उस वक्त बड़ा हादसा हो गया जब कांवड़ ले जा रहे 14 लोगों का वाहन हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया. इस हादसे में एक कांवड़िए की मौत हो गई जबकि 13 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है. पुलिस ने यह जानकारी दी.
पुलिस ने बताया कि सभी कांवड़िए गंगा नदी से जल लेने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार जा रहे थे. यह घटना नवादा इलाके में हुई.पुलिस ने बताया कि तिगांव निवासी 20 वर्षीय नितिन को दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक के पड़ोसियों ने बताया कि गांव के करीब 14 कांवड़ियों ने डाक कांवड़ ले जाने के लिए एक कैंटर बुक किया था. आज शाम को हरिद्वार जाना था, लेकिन उससे पहले ये हादसा हो गया. चश्मदीदों ने बताया कि तार की चपेट में आते ही कई लोग वाहन से नीचे गिर गए.
मेरठ में भी हुआ था हादसा
इससे 3 दिन पहले गुरुवार को भी करंट की चपेट में आने से एक कांवड़िए की मौत हो गई थी. यह हादसा मेरठ में हुआ था. हादसा उस वक्त हुआ था जब कांवड़िया नहाकर शिविर में आराम कर रहा था.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस पर लगा यातायात प्रतिबंध
उधर, उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को कहा कि एक कार द्वारा कुछ कांवड़ियों को टक्कर मारने की घटना के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रतिबंध लगा दिया गया है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है. गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने कहा, 'मोदीनगर के कादराबाद गांव से गाजियाबाद जिले के प्रत्येक एंट्री प्वाइंट से लेकर मेरठ रोड तिराहा, मोहन नगर, लोनी रोड, लिंक रोड, यूपी-दिल्ली सीमा से दिलशाद गार्डन तक सड़क पर वाहन के प्रवेश को रोकने की व्यवस्था की गई है.'
कांवड़ियों को कार ने मारी टक्कर
दरअसल, शनिवार को कथित तौर पर एक कार की चपेट में आने से गुस्साए कांवड़ियों ने ड्राइवर को गाड़ी से बाहर खींच लिया था और उसकी पिटाई कर दी थी. उन्होंने कथित तौर पर कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था. कार मालिक की पहचान मुरादनगर के मूल निवासी नौबहार सिंह (40) के रूप में हुई थी, जो घटना के समय भी वाहन में थे. पुलिस आयुक्त ने कहा कि ड्राइवर कथित तौर पर नशे की हालत में था और गलत दिशा में कार चला रहा था. इस घटना के बाद कांवड़ियों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को अवरुद्ध कर दिया और हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप यातायात जाम हो गया.