बेंगलुरु शहर अक्सर ट्रैफिक जाम को लेकर चर्चाओं में रहता है. एक बार फिर इसी के चलते यह शहर सुर्खियों में आ गया है. कारण, बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2035 एयर शो का आयोजन किया जा रहा है. इसमें शामिल होने निकले 15 जर्मन पायलट शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम में फंसे रहे और कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो पाए. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की आईडी राजधानी में भीड़भाड़ की सीमा से अनजान पायलटों को अपने होटल से येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर कार्यक्रम स्थल तक मात्र 17 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग तीन घंटे लग गए.
एयरो इंडिया के उद्घाटन के दिन बेंगलुरु में भारी ट्रैफिक जाम था, जहां एशिया के सबसे बड़े रक्षा और विमानन शो को देखने के लिए रिकॉर्ड संख्या में दर्शक पहुंचे थे. जर्मन पायलटों की टीम पिछले हफ़्ते एयरबस ए330 में आई थी और उत्तरी बेंगलुरु के एक होटल में ठहरी थी. हालांकि, बेंगलुरु पुलिस के सूत्रों के अनुसार, विदेशी प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित लेन का उपयोग करने के बजाय, पायलटों ने नियमित कैब सेवाओं का विकल्प चुना, जिसके कारण उन्हें उद्घाटन कार्यक्रम और विमान प्रदर्शन देखने का मौका नहीं मिल पाया.
इस बीच, अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में ट्रैफिक फ्लो में सुधार हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधियों के लिए विशेष कंट्राफ्लो लेन बनाई गई थी, जिससे पिछले संस्करणों में 4-5 घंटे से इस साल भीड़भाड़ का समय काफी कम होकर सिर्फ़ एक घंटा रह गया. हालांकि, जिन लोगों ने इन व्यवस्थाओं का उपयोग नहीं किया, उन्हें नियमित शहर के ट्रैफ़िक से गुजरना पड़ा, जो बेंगलुरु की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है.
बाद में, हज़ारों दर्शक हवाई प्रदर्शन की झलक पाने के लिए हुनसमरनहल्ली टैंक बंड के पास एकत्र हुए, जिससे अस्थायी व्यवधान हुआ. इन बाधाओं के बावजूद, अधिकारियों ने दावा किया कि समग्र यातायात प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक सुचारू रहा, जिसका श्रेय बेहतर योजना और सार्वजनिक सहयोग को दिया जा सकता है.