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तवांग झड़प के बाद भारत-चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत, इस मुद्दे पर सहमत हुए दोनों देश

तवांग क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद भारत-चीन कॉर्प्स कमांडर स्तर की 17वें दौर की बैठक हुई. यह बैठक 20 दिसंबर 2022 को चीनी पक्ष के चुशुल-मोल्दो बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हुई. इस दौरान दोनों पक्षों ने निकट संपर्क में रहने और सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के परस्पर स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमति व्यक्त की.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

भारत के अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में तवांग क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई. इस बीच भारत-चीन कॉर्प्स कमांडर स्तर की 17वें दौर की बैठक 20 दिसंबर 2022 को चुशुल-मोल्दो बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हुई.

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इससे पहले 17 जुलाई 2022 को पिछली बैठक हुई थी. उसके बाद इस 20 दिसंबर को दोनों पक्षों ने खुले और रचनात्मक तरीके से पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ संबंधित मुद्दों के समाधान पर बातचीत की है. इस बातचीत के दौरान दोनों पक्ष पश्चिमी क्षेत्र में जमीनी स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमत हुए. दोनों पक्षों ने निकट संपर्क में रहने और सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के परस्पर स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमति व्यक्त की.

इससे पहले जुलाई महीने में हुई थी बातचीत

इससे पहले 17 जुलाई को हुई बातचीत के बाद भारत और चीन की ओर से ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया गया था. जिसमें कहा गया था कि मीटिंग में दोनों ने खुलकर अपनी बातों को रखा और गंभीरता से मुद्दों पर बात की. दोनों देशों ने फिर इस बात को दोहराया कि एलएसी पर शांति के लिए जल्दी ही बचे हुए मुद्दों का समाधान जरूरी है. दोनों देशों ने दोहराया कि बातचीत जारी रहेगी और सैन्य और डिप्लोमेटिक तरीके से बातचीत से इन मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा. इसके बाद अब 20 दिसंबर को दोनों के बीच 17 दिसंबर को बातचीत हुई. 

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9 दिसंबर को हुई थी झड़प 

बताते चलें कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में चीनी सेना और भारतीय सेना के बीच हुई झड़प को लेकर चीन की सेना ने देर से पहला रिएक्शन दिया था. इस झड़प को लेकर चीन ने भारतीय सेना पर ठीकरा फोड़ दिया था. चीनी सेना ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना के जवानों ने अवैध तरीके से विवादित सीमा को पार किया था, जिसकी वजह से झड़प शुरू हुई. हालांकि, मोदी सरकार ने बयान में कहा कि 9 दिसंबर को हुई झड़प में भारतीय सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर उन्हें बाहर खदेड़ दिया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इस झड़प में किसी भी भारतीय सैनिक का निधन नहीं हुआ है और ना ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है.

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