ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) 19 फरवरी को शहर में आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में मारे गए 4 साल के मासूम के परिवार को 6 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करेगा. मंगलवार को इसकी घोषणा की गई. जीएचएमसी की महापौर गडवाल विजयलक्ष्मी ने यहां वरिष्ठ अधिकारियों, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के तीन पार्षदों के साथ बैठक की. उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह लड़के के परिवार को अपने एक महीने के मानदेय के साथ दो लाख रुपये देंगी.
कहा गया है कि उप महापौर ने तीन नगरसेवकों (जिन्होंने बैठक में भाग लिया) के साथ उनका एक महीने का मानदेय देने का भी संकल्प लिया है. मेयर ने आगे कहा कि मृतक लड़के के परिवार के लिए सहायता देने के लिए राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी. महापौर ने कहा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए एक सर्वदलीय समिति का गठन किया जाएगा. यहां आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए सुझाव मांगे गए. कुत्ता पकड़ने के लिए मौजूदा 30 वाहनों में और 20 वाहन तैनात किए जाएंगे. विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रति दिन नसबंदी (कुत्तों की) की संख्या मौजूदा 150 से बढ़ाकर 400-450 की जाएगी.
लड़का खाने के सामान से भरा एक पैकेट ले जा रहा था, तभी कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया और उसे मार डाला. यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और इसकी फुटेज 21 फरवरी को वायरल हो गई, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया. वीडियो क्लिप में कुत्तों ने लड़के का पीछा करते हुए उस पर अचानक हमला कर दिया, जिससे वह नीचे गिर गया. वह अकेला चल रहा था. आवारा कुत्तों का निर्दयी झुंड उसे तब भी नोचता रहा जब कोई भी ऐसा नजर नहीं आया जो उसे बचा सके. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर बच्चे के पिता दौड़कर पहुंचे और उसे कुत्तों से छुड़ाया. इसके बाद वे बच्चे को जख्मी हालत में अस्पताल ले गए. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. बच्चे की मौत हो गई.
सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि कुत्तों के हमले के बाद बच्चा जमीन पर गिर जाता है. इसके बाद कुत्ते उसे नोचना और घसीटना शुरू कर देते हैं. बच्चा खून से लथपथ हो जाता है. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पिता गंगाधर दौड़कर उसके पास पहुंचते हैं. इसके बाद वे बच्चे को अस्पताल ले गए. लेकिन इलाज से पहले ही बच्चे की मौत हो गई. स्थानीय पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है.