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बाढ़-लैंडस्लाइड का कहर, उत्तराखंड के बागेश्वर में 5 टूरिस्ट्स की मौत, हिमाचल के लाहौल-स्पीति में 80 लोग फंसे

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पर मौसम का कहर एक बार फिर बरपा है. उत्तराखंड के कुमाऊं के कपकोट में फंसे पांच पर्यटकों की मौत हो गई है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में भी खराब मौसम के कारण 80 लोग फंसे हुए हैं. आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

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People Stranded in Uttrakhand
People Stranded in Uttrakhand
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तराखंड के बागेश्वर में 5 पर्यटकों की मौत
  • हिमाचल के लाहौल-स्पीति में 80 लोग फंसे

उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश से तबाही देखने को मिल रही है. ताजा जानकारी में यहां के कुमाऊं के कपकोट में फंसे पांच पर्यटकों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में हुई बारिश से राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 65 हो गई. इस सब में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 7,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है. 

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बागेश्वर जिले में कपकोट के सुंदरधुंगा ग्लेशियर के पास 5 पर्यटकों की मौत की पुष्टि उस दिन हुई जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र में बारिश से हुई क्षति का हवाई सर्वेक्षण किया. इससे पहले मृतकों की आधिकारिक संख्या 60 थी. अधिकारियों ने बताया कि पांच मृतकों के अलावा एक पर्यटक लापता है जबकि चार अन्य को बचा लिया गया.

बताया गया कि करीब 65 पर्यटक बागेश्वर के ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे हुए हैं और बचाव दल वहां बचे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए काम कर रहे हैं.

इधर, कर्नाटक सरकार उत्तराखंड में फंसे अपने प्रदेश के नागरिकों के लिए चिंतित है. राज्य के मंत्री आर अशोक में बेंगलुरु में कहा- हमने उत्तराखंड में फंसे अपने लोगों के लिए हेल्पलाइन जारी की है. जिसके बाद हमारे यहां के 10 परिवारों ने हमसे संपर्क किया है. हमारे अधिकारी उत्तराखंड सरकार से संपर्क में हैं और अपने लोगों की  सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं

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बता दें कि उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में भी खराब मौसम के कारण 80 लोग फंसे हुए हैं. आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कारों में यात्रा करने वाले ग्यारह पर्यटक बटाल में फंसे लोगों में शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि वे लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह और बटाल में चाचा-चाची का ढाबा में ठहरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वाहनों में उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजना बनाई गई है.

 

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