मणिपुर के पश्चिमी इम्फाल जिले में प्रतिबंधित संगठन के छह कैडरों को गिरफ्तार किया गया है जबकि पूर्वी इम्फाल में जबरन वसूली के आरोप में दो अन्य संदिग्धों को पकड़ा गया गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रतिबंधित कांगलेइपक कम्युनिस्ट पार्टी (इबुंगो नगंगोम) के छह सदस्यों को शुक्रवार को इम्फाल पश्चिम जिले के कौत्रुक माखा लाइकाई चर्च से गिरफ्तार किया गया.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा, इम्फाल पूर्व जिले के अचनबीगई मैनिंग लाइकाई क्षेत्र से G5 संगठन के दो सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है. इन पर सेक्माई, इरिलबुंग, कोइरेंगी और पटसोई इलाकों में रेत से भरे ट्रकों से जबरन वसूली करने और ट्रक चालकों की चाबियां छीनने का आरोप है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निंगथौजम याम्बा सिंह (43) और उशाम नेताजी सिंह (35) के रूप में हुई है.
हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी
मणिपुर में हथियारों के आत्मसमर्पण अभियान के तहत चुराचांदपुर जिले में कई हथियार और गोला-बारूद जमा किए गए है. यह अभियान स्थानीय पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ द्वारा जन जागरूकता के प्रयासों के तहत चलाया गया था. चुराचांदपुर के एसपी प्रखर पांडे ने इसे समाज को हथियार मुक्त करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे सामान्य गतिविधियां बहाल की जा सकें.
मणिपुर पुलिस के मुताबिक, ककचिंग और कांगपोकपी जिलों में कम से कम दो हथियार और गोला-बारूद प्रशासन को सौंपे गए हैं. राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की अपील के बाद हथियार आत्मसमर्पण का यह सिलसिला शुरू हुआ. सुरक्षा बलों ने ककचिंग वायरी क्षेत्र में कम से कम 12 हथियार बरामद किए और उन्हें ककचिंग पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया. इसके अलावा, तेंगनौपाल जिले के मोरह पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित माओजंग गांव में तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए.
रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षाबलों ने 22 किलो वजनी दो आईईडी (विस्फोटक उपकरण), 7 किलो का एक आईईडी, 6 किलो का एक बम (डेटोनेटर के साथ), 4 किलो का एक और बम बरामद किया गया जिसके बाद बम निरोधक दस्ते ने उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया. इस संबंध में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई है.
मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं. राज्य में इम्फाल घाटी के मैतेई समुदाय और पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी-जो जनजातीय समूहों के बीच जारी संघर्ष में अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां हिंसा प्रभावित इलाकों में शांति बहाली के लिए सघन अभियान चला रही हैं.