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7 राज्य, 16 नेताओं को समन, मोबाइल भी लाना होगा साथ..., शाह के एडिटेड वीडियो केस में दिल्ली पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एडिटेड वीडियो में दिल्ली पुलिस की जांच तेज हो गई है. मामले ने सियासी राजनीति का पारा और चढ़ा दिया है. दिल्ली से तेलंगाना और असम तक जांच चल रही है. इस मामले में असम में तो एक गिरफ्तारी भी हो गई.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. (फाइल फोटो)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव प्रचार के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एडिटेड वीडियो का मामला और गरमा गया है. बडे़ पैमाने पर जांच शुरू की गई है. दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की जांच का दायरा कई राज्यों तक फैल गया है. एडिटेड वीडियो की जांच के लिए झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, नागालैंड के लिए दिल्ली पुलिस की अलग- अलग टीमें भेजी गई हैं. फर्जी वीडियो मामले में पुलिस ने तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी को भी तलब किया है.

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इस मामले में असम में एक गिरफ्तारी भी हो गई है. यूपी में समाजवादी पार्टी के एक लोकसभा प्रत्याशी को नोटिस दिया गया है और पूछताछ के लिए बुलाया गया गया है. झारखंड में कांग्रेस के एक नेता को भी नोटिस मिला है. पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है. नागालैंड के कांग्रेस नेता को भी नोटिस दिया गया है. इन सभी को अपना मोबाइल साथ लाने को कहा गया है. जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना सीएम रेड्डी समेत छह लोगों को दिल्ली पुलिस ने कल पूछताछ के लिए बुलाया है. एडिटेड वीडियो मामले में कई राज्यों के लोग शामिल हैं. इसी वजह से जांच का दायरा कई राज्यों तक फैल रहा है. चार अलग-अलग राज्यों दिल्ली, असम, राजस्थान और महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज हुई है. पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सबसे पहला ट्वीट किसने किया था? 

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एडिट करने वाले डिवाइस तक पहुंचेगी पुलिस

दिल्ली पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में जाकर सूचना जुटा रही हैं. पुलिस का कहना है कि हमें यह पता करना है कि उसके पास यह फर्जी वीडियो कहां से आया और उसने किस मंशा से यह वीडियो ट्वीट किया था. साइबर सेल की लैब यूआरएल के जरिए लिंक को ट्रैक कर रही है. नोटिस के साथ कहा गया कि मोबाइल फोन भी लेकर आना है.ताकि मोबाइल फोन के जरिए यह पता चल सके कि उसे पहली बार वीडियो कहां से मिला था. ट्रेलिंग के जरिए एडिटेड करने वाली डिवाइस तक पहुंचा जा सके. 

वहीं, सोमवार को पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरक्षण पर फर्जी वीडियो को सर्कुलेट करने का मामला उठाया और कांग्रेस पर वार किए.

शाह बोले- फर्जी वीडियो शेयर कर रही है कांग्रेस

इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और फर्जी वीडियो के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने फेक और ऑरिजनल वीडियो भी सबके सामने रखा. शाह का कहना था कि मैंने जो बोला था, उसकी पूरी रिकॉर्डिंग है. कांग्रेस मेरा फेक वीडियो फैला रही है. कांग्रेस झूठ और भ्रम फैला रही है. आरक्षण और संविधान पर भ्रम फैलाया जा रहा है. बीजेपी एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के पक्ष में है.

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दिल्ली पुलिस ने 16 लोगों को भेजे समन

सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री शाह के डीपफेक वीडियो केस में दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने 7-8 राज्यों में 16 लोगों को सीआरपीसी की धारा 91, 160 के तहत पूछताछ में शामिल होने के लिए समन दिया है.

सीआरपीसी की धारा 160 के तहत पुलिस के पास अधिकार होता है कि वो किसी केस की जांच में शामिल होने के लिए किसी को नोटिस दे सकती है. साथ ही सीआरपीसी की धारा 91 के तहत कोई दस्तावेज या गैजेट्स पेश करने के लिए कहा जाता है.

रेवंत रेड्डी को मोबाइल समेत पेश होने का नोटिस

सीएम रेड्डी समेत तेलंगाना कांग्रेस के 6 नेताओं के अलावा कुछ और राज्यों में भी लोगों को नोटिस देकर पूछताछ में शामिल होने के लिए 1 मई को पेश होने को कहा गया है. देखना है कि 1 मई को कौन-कौन आरोपी दिल्ली के द्वारका में IFSO यूनिट में आकर इन्वेस्टिगेशन जॉइन करते हैं. कौन अपने जवाब ईमेल के जरिए भेजते हैं. उसी के बाद जांच आगे बढ़ेगी.

सभी को अपने साथ अपना मोबाइल, लैपटॉप लाने के लिए कहा गया है. सूत्रों के मुताबिक असम पुलिस ने असम से जिस रितम सिंह को गिरफ्तार किया है उसे अभी दिल्ली पुलिस अपनी कस्टडी में नहीं लेगी.

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AAP-कांग्रेस नेता गुजरात से गिरफ्तार

मंगलवार को अहमदाबाद साइबर क्राइम टीम ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए दोनों आरोपी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से जुड़े हुए हैं. दोनों आरोपियों के नाम सतीश वनसोला और आरबी बारिया है. सतीश वनसोला कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवानी का क्षेत्रीय कार्यालय संभालता है. जबकि आरबी बारिया आम आदमी पार्टी के दाहोद जिले का प्रमुख है. दोनों ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए थे.

वीडियो और सच...

-  फर्जी वीडियो में कहते दिखे कि एससी, एसटी, ओबीसी आरक्षण खत्म करेंगे.
- हकीकत यह है कि शाह ने ऐसा कुछ नहीं कहा है. डीपफेक वीडियो बनाकर शेयर कर दिया गया है.
 

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