सूचना प्रसारण मंत्री ने मंगलवार को 78 यूट्यूब न्यूज चैनल और उनके सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश जारी कर दिया है. आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के उल्लंघन के आरोप में यह कार्रवाई की गई है. जानकारी के मुताबिक सरकार ने 2021 और 2022 के बीच अब तक 560 YouTube URL को ब्लॉक कर चुकी है.
25 अप्रैल को 16 YouTube चैनल किए थे बैन
सूचना और प्रसारण मंत्रालय इससे पहले भी यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक करने की कार्रवाई कर चुका है. अप्रैल में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार फैलाने को लेकर 16 YouTube news channels को ब्लॉक कर दिया गया था. इनमें 10 चैनल भारतीय और 6 पाकिस्तान बेस्ड YouTube चैनल थे. IT नियम, 2021 के तहत इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन्हें ब्लॉक किया गया था.
देश का बिगाड़ रहे थे माहौल
मंत्रालय का कहना है कि ये सभी YouTube चैनल भारत में दहशत पैदा करने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए झूठी, असत्यापित जानकारी फैला रहे थे. ब्लॉक किए गए YouTube समाचार चैनलों की दर्शकों की संख्या 68 करोड़ से अधिक थी.
एक समुदाय को आतंकवादी बताया था
अप्रैल में कार्रवाई करते हुए सरकार ने कहा था कि किसी भी डिजिटल समाचार प्रकाशक ने आईटी नियम, 2021 के नियम 18 के तहत मंत्रालय को आवश्यक जानकारी नहीं दी थी.
मंत्रालय ने बताया था कि भारत के कुछ YouTube चैनलों द्वारा प्रकाशित सामग्री में एक समुदाय को आतंकवादी के रूप में दिखाया गया है. इसके अलावा विभिन्न धार्मिक समुदायों के सदस्यों के बीच घृणा को बढ़ावा दिया गया. इस तरह की सामग्री से सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश थी.
पाकिस्तान में स्थित YouTube चैनलों को भारतीय सेना, जम्मू और कश्मीर और भारत के विदेशी संबंधों जैसे विभिन्न विषयों पर भारत के बारे में झूठे समाचार पोस्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.
5 अप्रैल को 22 यूट्यूब चैनल कर दिए थे बंद
5 अप्रैल को ही सूचना प्रसारण मंत्रालय ने IT Rules 2021 के तहत इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए 22 YouTube चैनल्स, तीन Twitter अकाउंट, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया था.
इन अकाउंट्स और चैनल्स का इस्तेमाल संवेदनशील और भारत की सुरक्षा, विदेश नीति और पब्लिक ऑर्डर से जुड़े मामलों में फेक न्यूज और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलान के लिए किया जा रहा था. ब्लॉक किए गए YouTube चैनल्स के पास कुल 260 करोड़ व्यूअरशिप थी.