scorecardresearch
 

'टोकन लेने की कोशिश कर रही थी पत्नी, अचानक...', भगदड़ में जान गंवाने वाली महिला के पति ने सुनाई आपबीती

Tirupati Stampede: तिरुपति में हुई भगदड़ में 6 लोगों की जान चली गई. 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है. इस बीच भगदड़ में जान गंवाने वाली एक महिला के पति ने हादसे की पूरी कहानी बताई है.

Advertisement
X
तिरुपति भगदड़ में जान गंवाने वाली मल्लिका के पति. (Photo: Agency)
तिरुपति भगदड़ में जान गंवाने वाली मल्लिका के पति. (Photo: Agency)

तिरुपति मंदिर के वैकुंठ दर्शन के टोकन के लिए लगी लाइन में भगदड़ मच गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. भगदड़ में करीब 25 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू खुद आज सुबह घायलों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचने वाले हैं. भगदड़ में जिन श्रद्धालुओं की मौत हुई है, वे सभी वैकुंठ दर्शन के लिए टोकन लेने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, टोकन 9 जनवरी की सुबह से बंटने थे, लेकिन 8 जनवरी की रात से ही टोकन केंद्रों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर करीब 4 हजार से ज्यादा लोग जमा हो गए थे और इस दौरान ही भगदड़ मच गई.

Advertisement

हादसे में जान गंवाने वाले 6 लोगों में से एक महिला की पहचान हो गई है. महिला का नाम मल्लिका बताया जा रहा है. मल्लिका के पति ने हादसे के बाद न्यूज एजेंसी से बात कर अपनी आपबीती सुनाई है. मल्लिका के पति ने बताया,'मेरी पत्नी मल्लिका अन्य लोगों के साथ वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन लेने की कोशिश कर रही थी. इस दौरान अचानक भगदड़ मच गई और इस भगदड़ में मल्लिका की मौत हो गई. मैंने अपने रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दे दी है, वे आ रहे हैं.'

भीड़ बढ़ने पर मच गई भगदड़

दरअसल, हर साल वैकुंठ एकादशी पर तिरुपति वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है. देश के देश के कोने-कोने से लोग इन विशेष दिनों में तिरुपति के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. इस बार वैकुंठ द्वार दर्शन 10 जनवरी से 19 जनवरी तक होने हैं. इस विशेष दर्शन के लिए ही टोकन बांटे जाने की व्यवस्था की गई थी. टोकन 9 जनवरी की सुबह से बांटे जाने थे, लेकिन इसके लिए 8 जनवरी की रात से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई और भीड़ बढ़ने पर भगदड़ मच गई.

Advertisement

10 जनवरी से शुरू होंगे दर्शन

बता दें कि वैकुंठ द्वार दर्शन 10 से 19 जनवरी 2025 तक होने वाले हैं. TTD के कार्यकारी अधिकारी श्यामला राव ने एक दिन पहले ही बताया था कि वैकुंठ द्वार दर्शन तक तीर्थयात्रियों की पहुंच सुनिश्चित करना तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रोटोकॉल के मुताबिक 10 जनवरी को दर्शन सुबह 4.30 बजे शुरू होंगे. सुबह 8 बजे सर्व दर्शन किए जा सकेंगे.

Live TV

Advertisement
Advertisement