कालेश्वरम प्रोजेक्ट के ढहने की शिकायत दर्ज कराना वाले नागवेली राजलिंगमूर्ति की बुधवार शाम को अज्ञात हमलावरों ने चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी. पुलिस का कहना है कि उनकी हत्या एक जमीन विवाद के चलते की गई है.
दरअसल, एन. राजलिंगमूर्ति ने कालेश्वरम प्रोजेक्ट के ढहने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले में तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर, पूर्व मंत्री, निर्माण कंपनी और कई ठेकेदारों का नाम था. अब उनकी निर्मम हत्या ने कई संदेह के साथ-साथ कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने बताया कि एन. राजलिंगमूर्ति की बुधवार शाम को अज्ञात हमलावरों ने चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी.
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, वह बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे भूपलपल्ली जिला मुख्यालय में रेड्डी कॉलोनी के पास TBGKS कार्यालय के सामने वाली गली में अपने दोपहिया वाहन से जा रहे थे. तभी अज्ञात हमलावरों ने उनपर हमला कर दिया और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी.
अस्पताल ले जाते वक्त हुई मौत
उन्होंने बताया कि अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई. मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. पुलिस ने इस घटना में किसी भी राजनीतिक एंगल की संभावना से इनकार किया है.
परिजनों ने किया प्रदर्शन
वहीं, राजलिंगमूर्ति पर हमले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे परिवार के सदस्यों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डीएसपी संपत राव, सीआई नरेश और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंच गए.
मेदिगड्डा बैराज ढहने के मामले की पृष्ठभूमि
आपको बता दें कि एन. राजलिंगमूर्ति ने साल अक्टूबर 2023 में अदालत में एक निजी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें मेदिगड्डा बैराज के कुछ घाटों के डूबने के बाद केसीआर और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी.
मेदिगड्डा बैराज ढहने के बारे में राजलिंगमूर्ति की शिकायत के बाद भूपलपल्ली जिला न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर, पूर्व मंत्री हरीश राव, तत्कालीन सिंचाई विभाग सचिव रजत कुमार, तत्कालीन सीएमओ सचिव स्मिता सभरवाल, वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी हरिराम और श्रीधर, मेघा कंस्ट्रक्शन कंपनी की प्रमुख मेघा कृष्ण रेड्डी और अन्य कंपनियों को नोटिस जारी किया था.
केसीआर को बताया जिम्मेदार
राजलिंगमूर्ति ने शुरू में 5 सितंबर, 2024 को भूपलपल्ली प्रथम मजिस्ट्रेट न्यायालय में एक निजी शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मेदिगड्डा ढहने के लिए केसीआर और अन्य जिम्मेदार हैं.
इसके बाद पूर्व सीएम केसीआर और पूर्व मंत्री हरीश राव ने भूपलपल्ली जिला न्यायालय में दर्ज मामले को रद्द करने की मांग करते हुए पिछले साल दिसंबर में तेलंगाना हाईकोर्ट में एक क्वैश याचिका दायर की. हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करने से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले में उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है. वहीं, भूपलपल्ली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया.