पश्चिम बंगाल के मालदा में एक फिल्मी स्टाइल किडनैपिंग की घटना सामने आई है, जिसमें वारदात के महज 4.30 घंटे बाद ही पुलिस ने 7 साल की बच्ची को सही सलामत बरामद कर लिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्त में लिया है.
पुलिस के मुताबिक घटना मालदा में हुई. सुबह करीब 11:40 बजे हेलमेट पहने दो बदमाश सात साल की बच्ची को उसके घर के सामने से उठाकर भाग निकले. बच्ची के परेशान पिता (स्थानीय व्यापारी) ने बताया कि किडनैपर्स बिना नंबर प्लेट वाली पल्सर मोटरसाइकिल पर आए थे.
आसपास की पुलिस को तुरंत किया अलर्ट
वारदात का पता चलते ही मालदा पुलिस ने बिहार की तरफ जाने वाले सभी मार्गों पर तुरंत नाकेबंदी कर दी. इसके साथ ही इस्लामपुर और रायगंज जैसे आस-पास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया. बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू करते हुए कई चेक पोस्ट बनाई गईं.
इस तरह ट्रैक की किडनैपर्स की लोकेशन
लड़की के पिता को किडनैपर्स की तरफ से एक कॉल आया. किडनैपर्स ने बच्ची के पिता को धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो उनकी बेटी को जान से मार दिया जाएगा. ये कॉल आने के बाद पुलिस ने नंबर को ट्रैक करना शुरू कर दिया और कुछ ही देर में पुलिस ने किडनैपर्स की लोकेशन ट्रैक कर ली.
किडनैपर्स के पास से मिली बंदूक
बच्ची का अपहरण सुबह 11.40 बजे हुआ था और शाम करीब 4:10 बजे रायगंज के करंदीघी इलाके में एक टोल बूथ के पास चेकपॉइंट पर अधिकारियों ने उन्हें धर दबोचा. अपहरण करने वाले एजाज अहमद और राजू मुस्तफा दोनों हरिश्चंद्रपुर के निवासी हैं. उन्हें अपहृत बच्ची के साथ पकड़ लिया गया, जो सुरक्षित मिली. तलाशी लेने पर दोनों के पास एक बन्दूक और ताजा कारतूस मिले. पुलिस को पता चला है कि दोनों ने लड़की के पिता से फिरौती की रकम वसूलने के लिए इटाहार, करंदीघी और दालखोला के रास्ते बिहार भागने का प्लान बनाया था.