‘आजतक रेडियो' के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में - पंजाब में सिख धर्म से जुड़ी बेअदबी की घटनाएं क्या सियासी साजिश के तहत हो रही है? यूपी में चुनाव के पहले हुई समाजवादी पार्टी के नेताओं के घर हुई आयकर विभाग की छापेमारी को सियासी एंगल से भी देखा जा रहा है, तो क्या इसे इस तरह देखना सही है? रविवार को भारत और सेंट्रल एशिया के देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में क्या क्या हुआ और भारत के लिए ये बैठक कितनी अहम थी और इसमें भारत का क्या हित है?
आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर जमशेद क़मर सिद्दीक़ी किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं.
1. पंजाब में सिख धर्म से जुड़ी बेअदबी की घटनाएं
पंजाब से शनिवार रात में एक खबर आई कि अमृतसर स्वर्ण मंदिर में सिखों के धार्मिक चिह्नों, ग्रन्थों की बेअदबी करते एक व्यक्ति को भीड़ ने पीट पीट कर मार डाला. घटना के दोनों पहलुओं से आलोचना हुई. यानी भीड़ के पीट कर मार डालने की भी और बेअदबी की भी. अभी ये मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि कल ही पंजाब के कपूरथला ज़िले से बेअदबी का एक और आरोप लगा कर एक व्यक्ति पीटा गया. बाद में उसकी भी मौत हो गई. हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि कपूरथला का ये मामला बेअदबी का नहीं. लेकिन भीड़ के पीटने की घटना खतरनाक है. इससे पहले दिल्ली में भी किसान आंदोलन के दौरान बेअदबी के मामले में ही एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. पंजाब में विधानसभा चुनाव भी बहुत करीब है, ऐसे में इन घटनाओं ने राज्य सरकार की मुसीबत और बढ़ा दी है. कल सीएम चन्नी ने अमृतसर स्वर्ण मंदिर परिसर पहुंच कर हालात का जायजा भी लिया. राज्यसरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित कर दी है. लेकिन इन बेअदबी की घटनाओं में बढ़ोतरी क्यों हो रही है? क्या हत्या के खिलाफ भी लोगों में रोष हैं या वे बेअदबी के ख़िलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं?
2. चुनाव के पहले यूपी में आयकर की छापेमारी
इन दिनों यूपी का माहौल चुनावी रंग में रंग ही चुका है. रैलियाँ-सभाएं लगातार जारी हैं. पीएम भी बीते एक महीने में छह बार यूपी आ चुके हैं. बीजेपी ने कल अलग अलग जगहों से जन विश्वास यात्रा की शुरुआत भी की. मथुरा में इसी यात्रा की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की. तो वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अंबेडकरनगर के अकबरपुर से जन विश्वास यात्रा को रवाना किया. उधर कल उत्तरप्रदेश में कई जगह पड़ी आईटी यानी इनकम टैक्स की रेड ने विपक्ष को अलग से भड़का दिया. दरअसल कल समाजवादी पार्टी के 4 बड़े नेताओं के ठिकानों पर इनकम टैक्स की छापेमारी हुई है। मऊ में सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय, लखनऊ में जैनेंद्र यादव और मैनपुरी में मनोज यादव के घर छापे की कार्रवाई हुई. अखिलेश के एक और करीबी अरबपति कारोबारी राहुल भसीन के घर भी IT टीम पहुंची। सभी नेता सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद क़रीबी हैं। ये पार्टी के फाइनेंसर माने जाते हैं। जैनेंद्र यादव अखिलेश के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके OSD भी रह चुके हैं. चुनाव के पूर्व हुई इस छापेमारी को सियासी एंगल से भी देखा जा रहा है, तो क्या इसे इस तरह देखना सही है?
3. भारत और सेंट्रल एशिया के देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक
अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे़ के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख़ास कर एशिया में अलग तरह की उठापटक जारी है. पहले तो सारे देश इस पर ही दुविधा में रहे कि हम तालिबानी शासन स्वीकारें कैसे, वक्त के साथ वो बला टली तो बात अटकी कि अफगानिस्तान में तालिबानी शासन होने से किसके क्या नुकसान हैं. फिर विमर्श इस बात पर हुआ कि अफगानिस्तान पर बदले समीकरण के लिहाज से कैसी रणनीति बने. इसके अलावा एशिया में आतंकवाद पहले से मुद्दा रहा ही है. कल देश की राजधानी दिल्ली में इन्हीं सब मुद्दों पर बात करने के लिए भारत और सेंट्रल एशिया के देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग हुई. मौका था, India-Central Asia dialogue का. इस मौके पर भारतीय विदेश मंत्री एस जय शंकर के अतिरिक्त कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, तुर्केमिनिस्तान और उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री भी शामिल थे. तो रविवार को हुई इस मीटिंग में क्या क्या हुआ और भारत के लिए ये बैठक कितनी अहम थी और इसमें भारत का क्या हित है?
4. यूपी चुनाव: मऊ के डेवलपमेंट पर लोगों की राय
चुनावी मौसम में इस समय नेताओं के कार्यक्रम तो चल ही रहे हैं, पर नेताओं के इतर जनता का भी अपना एक पक्ष है जो वो कहना और बताना चाहती है. इसी उत्तरप्रदेश का एक जिला है मऊ. मऊ के लोगों की बहुत पहले से शिकायत रही कि पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय के बाद सत्ता ने वहाँ कभी विशेष ध्यान नहीं दिया. पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय को मऊ ज़िले को अस्तित्व में लाने का श्रेय जाता है. फिलहाल, मऊ दूसरे ही कारणों से चर्चा में रहता है क्योंकि बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी भी मऊ के ही हैं. और वो फिलहाल बांदा जेल में बंद हैं. तो इस मऊ के हाल क्या हैं? यहां जनता की जरूरतें क्या हैं? और डेवलपमेंट की स्थिति पर मऊ के लोग क्या क्या कहते हैं?
20 दिसंबर 2021 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें...